भारतीय वायु सेना गरुड़ कमांडो परेड 2026: मैरून बेरेट सेरेमोनियल और विशेष बलों का प्रशिक्षण समापन

Sat 23-May-2026,11:52 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

भारतीय वायु सेना गरुड़ कमांडो परेड 2026: मैरून बेरेट सेरेमोनियल और विशेष बलों का प्रशिक्षण समापन Garud Commando
  • गरुड़ कमांडो के प्रशिक्षण समापन पर मैरून बेरेट परेड. 

  • बंधक बचाव और युद्धक कौशल का शानदार प्रदर्शन. 

  • भारतीय वायु सेना की विशेष बल क्षमता को मजबूती. 

Delhi / Delhi :

Delhi / भारतीय वायु सेना के विशेष बल गरुड़ कमांडो के जवानों के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण उस समय देखने को मिला, जब 23 मई 2026 को गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर (जीआरटीसी), वायु सेना स्टेशन चांदीनगर में मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। यह परेड उन जवानों के कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक है, जिन्होंने अब एक विशेष बल संचालक के रूप में अपनी नई पहचान हासिल की है।

इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एवीएम राहुल गुप्ता, एसीएएस ऑपरेशन (अंतरिक्ष) ने परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने परेड में मौजूद युवा कमांडो को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में विशेष बलों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने जोर दिया कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि उच्च प्रशिक्षण, मानसिक मजबूती और रणनीतिक सोच से लड़े जाएंगे।

गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गरुड़ कमांडो का प्रशिक्षण बेहद कठिन और अनुशासित होता है, जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा ली जाती है।

परेड के दौरान जवानों ने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इसमें बंधक बचाव अभियान, युद्धक फायरिंग, विस्फोटक सामग्री का उपयोग, बाधा पार करना, दीवार पर चढ़ना, रेंगना, रस्सियों से उतरना और सैन्य मार्शल आर्ट जैसी तकनीकों का प्रदर्शन शामिल था। इन सभी अभ्यासों ने दर्शकों को विशेष बलों की क्षमता और उनके कठिन प्रशिक्षण की झलक दिखाई।

इस समारोह का सबसे भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण वह था जब सफल प्रशिक्षुओं को मैरून बेरेट, गरुड़ प्रवीणता बैज और विशेष बल टैब प्रदान किए गए। यह सम्मान केवल एक प्रतीक नहीं बल्कि उनके कठिन परिश्रम, समर्पण और साहस का प्रमाण है।

मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड को गरुड़ बल में शामिल होने का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। यह वह क्षण होता है जब एक सामान्य प्रशिक्षु पूरी तरह से एक विशेष बल कमांडो में बदल जाता है। यह परिवर्तन न केवल उनकी जिम्मेदारी बढ़ाता है, बल्कि उन्हें राष्ट्र की सुरक्षा के सबसे संवेदनशील मिशनों के लिए तैयार करता है।

हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की भूमिका ने उनकी क्षमता और महत्व को और अधिक स्पष्ट किया है। ऐसे में नए पास आउट हुए गरुड़ कमांडो भारतीय वायु सेना की विशेष अभियानों को अंजाम देने की क्षमता को और अधिक मजबूत करेंगे।

यह समारोह केवल एक परेड नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की उस भावना का प्रतीक है जो गरुड़ कमांडो को भारतीय वायु सेना का सबसे विशेष और भरोसेमंद बल बनाती है।