भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी 2026: NSA अजीत डोभाल और मार्को रुबियो की अहम बैठक
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India USA Relations
NSA अजीत डोभाल और मार्को रुबियो के बीच अहम बैठक.
रक्षा, सुरक्षा और TRUST पहल पर विस्तृत चर्चा.
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर.
Delhi / अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के चार दिवसीय भारत दौरे ने भारत-अमेरिका संबंधों को एक नई दिशा देने की चर्चा को और तेज कर दिया है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस बैठक में खास तौर पर TRUST पहल पर फोकस किया गया, जो भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में दोनों देशों ने अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
NSA अजीत डोभाल और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक हालात में भारत और अमेरिका का सहयोग बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय समुदाय की सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारतीय प्रवासी समुदाय ने देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि भारतीय समुदाय का अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20 अरब डॉलर से अधिक का योगदान है, जो लगातार बढ़ रहा है।
रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका हमेशा से एक स्वागत करने वाला देश रहा है, जहां दुनिया भर से आए लोग न केवल बसे हैं बल्कि उन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान भी दिया है। भारतीय प्रवासियों की मेहनत और प्रतिभा ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था और समाज दोनों को मजबूत किया है।
इस पूरे दौरे को विशेषज्ञ भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहद अहम मान रहे हैं। रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक रणनीतिक समझ जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां आने वाले समय में कई नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, मार्को रुबियो का यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को और गहरा करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।