आयुष मंत्रालय बैठक 2026: योग और प्राकृतिक चिकित्सा को वैश्विक बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण चर्चा
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Ayush Ministry Meeting
योग और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक विस्तार पर चर्चा.
निवारक स्वास्थ्य देखभाल और आयुष प्रणाली को बढ़ावा.
5000+ योग संस्थान और लाखों प्रशिक्षित स्वयंसेवक.
Delhi / केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की चौथी बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य विषय “भारत में योग और प्राकृतिक चिकित्सा” रहा, जिसमें देश की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को और मजबूत बनाने तथा उनके वैश्विक विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा भारत की प्राचीन धरोहर हैं, जो आज पूरी दुनिया में निवारक स्वास्थ्य देखभाल का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद मिल रही है।
उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता मिलने के बाद योग ने वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। आज योग 190 से अधिक देशों में लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, जिससे भारत की सांस्कृतिक शक्ति और भी मजबूत हुई है।
मंत्री ने बताया कि देश में 70 से अधिक बीएनवाईएस कॉलेज और 5000 से अधिक योग प्रशिक्षण संस्थान कार्यरत हैं, जो इस क्षेत्र में मानव संसाधन तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा, लाखों लोगों को योग से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा आज मानसिक तनाव, गैर-संचारी रोगों और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहे हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सुधार हो रहा है बल्कि रोजगार और स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
बैठक में कई सांसदों और विशेषज्ञों ने भाग लेकर अपने सुझाव दिए और योग व प्राकृतिक चिकित्सा को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की। अंत में सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि इन प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।
कुल मिलाकर यह बैठक भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़ने और उन्हें दुनिया भर में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।