कटघोरा में महिला से छेड़छाड़
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कटघोरा थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप, त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तारी और तत्काल निलंबन।
एसपी के निर्देश पर न्यायिक रिमांड, पुलिस विभाग की साख पर सवाल और कड़ी कार्रवाई का संदेश।
KORBA/ छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। कटघोरा थाना क्षेत्र में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर पर महिला से छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता की लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई भी की है।
कटघोरा थाने में पदस्थ एसआई पर गंभीर आरोप
पीड़ित महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि कटघोरा थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर एस.के. कोसरिया ने उसके साथ छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार किया। शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और आरोपी अधिकारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला के पति को कुछ समय पहले अवैध शराब के एक मामले में जेल भेजा गया था। इसके बाद से ही सब-इंस्पेक्टर कोसरिया महिला पर दबाव बनाने लगा। शिकायत में महिला ने बताया कि आरोपी एसआई लगातार फोन कर उसे परेशान करता था और अश्लील बातें करता था। पति को जेल से छुड़ाने के नाम पर बार-बार संपर्क किया जा रहा था।
महिला का आरोप है कि रविवार को आरोपी सब-इंस्पेक्टर उसके घर पहुंचा और जबरन छेड़छाड़ करते हुए आपत्तिजनक हरकतें कीं। इस घटना से भयभीत महिला ने साहस दिखाते हुए सीधे कटघोरा थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को पूरे मामले की जानकारी दी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने बताया कि महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सब-इंस्पेक्टर को हिरासत में लिया गया। पीड़िता के आरोपों के आधार पर छेड़छाड़ की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने आरोपी एसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
गिरफ्तारी और जेल
देर शाम पुलिस ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं प्रशासन का कहना है कि दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, कानून से ऊपर नहीं है और पीड़िता को पूरा न्याय दिलाया जाएगा।