भारतीय नौसेना का 1TS लंबी दूरी प्रशिक्षण तैनाती पर दक्षिण-पूर्व एशिया
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Indian-Navy-1TS-Southeast-Asia-Lrtd-2026
भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड में लंबी दूरी प्रशिक्षण तैनाती के लिए रवाना।
तैनाती का उद्देश्य समुद्री संचालन, अंतर-सांस्कृतिक अनुभव और भारत की एक्ट ईस्ट नीति को सुदृढ़ करना।
Delhi/ भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तिर, शार्दुल, सुजाता और आईसीजीएस सारथी 110वें एकीकृत अधिकारी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (आईओटीसी) के तहत लंबी दूरी प्रशिक्षण तैनाती (एलआरटीडी) पर दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए रवाना होंगे। इस तैनाती का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को व्यापक परिचालन, समुद्री कौशल और अंतर-सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना है।
तैनाती के दौरान स्क्वाड्रन सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड के प्रमुख बंदरगाहों पर रुकेगी। प्रशिक्षु अधिकारियों को विभिन्न नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ प्रशिक्षण, संवाद और सहयोगात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसमें क्रॉस-डेक दौरे, संरचित प्रशिक्षण आदान-प्रदान, विशेषज्ञ सत्र और संयुक्त समुद्री अभ्यास शामिल हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अंतर-संचालनीयता, पारस्परिक विश्वास और समुद्री सहयोग को मजबूत करना है। भारतीय नौसेना की यह तैनाती एशिया में भारत की एक्ट ईस्ट नीति और स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी हिंद महासागर क्षेत्र के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है।
110वें आईओटीसी में छह अंतरराष्ट्रीय अधिकारी प्रशिक्षु भी शामिल हैं, जो मित्र राष्ट्रों के साथ समुद्री प्रशिक्षण सहयोग और क्षमता निर्माण में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इसके साथ ही, भारतीय सेना और वायु सेना के कर्मी भी तैनाती में शामिल हैं, जिससे तीनों सेवाओं के बीच संयुक्तता और समन्वय मजबूत होता है।
इस दीर्घकालीन प्रशिक्षण तैनाती से नौसेना की प्रशिक्षण उत्कृष्टता और समुद्री कूटनीति, सहयोग तथा क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की सक्रिय भूमिका को भी बल मिलेगा। यह तैनाती न केवल अधिकारियों के व्यावसायिक कौशल में सुधार करेगी बल्कि भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच समुद्री सहयोग और सामरिक विश्वास को भी बढ़ावा देगी।