पश्चिमी कमान अलंकरण समारोह 2026: 100 सैनिक वीरता व सेवा के लिए सम्मानित
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पश्चिमी-कमान-अलंकरण-समारोह-2026-(प्रतीकात्मक-Photo-AI-)
पश्चिमी कमान अलंकरण समारोह 2026 में 100 सैनिकों को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया, स्वदेशी ड्रोन प्रदर्शन भी आकर्षण रहा।
दिल्ली/ भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए पश्चिमी कमान ने दिल्ली कैंट के मानेकशॉ सेंटर में भव्य अलंकरण समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर राष्ट्र की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के लिए असाधारण साहस, नेतृत्व और समर्पण दिखाने वाले अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, वीर परिवार और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे, जिसने इसे गौरव और प्रेरणा का प्रतीक बना दिया।
भारतीय सेना की पश्चिमी कमान द्वारा 10 जनवरी 2026 को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में पश्चिमी कमान अलंकरण समारोह 2026 का आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी कमान ने की।
इस अवसर पर कुल 100 वीरता एवं विशिष्ट सेवा पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें 6 युद्ध सेवा मेडल, 30 सेना मेडल (वीरता), जिनमें 4 मरणोपरांत शामिल हैं, 17 सेना मेडल (विशिष्ट) (जिसमें 1 बार टू सेना मेडल शामिल) और 44 विशिष्ट सेवा मेडल शामिल थे। ये सम्मान राष्ट्र के प्रति असाधारण साहस, प्रभावी नेतृत्व और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किए गए।
समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने सभी रैंकों के सैनिकों से पेशेवर उत्कृष्टता, नवाचार और उच्च परिचालन तत्परता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय सेना का दायित्व और अधिक बढ़ गया है, जिसे समर्पण, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के साथ निभाना आवश्यक है।
अलंकरण समारोह के उपरांत आर्मी कमांडर एवं श्रीमती सुचि कटियार, क्षेत्रीय अध्यक्ष, आर्मी विमेंस वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) ने वीर नारियों, पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं और उनके परिवारजनों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने राष्ट्र सेवा में उनके योगदान और बलिदानों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। समारोह का एक विशेष आकर्षण पश्चिमी कमान के सैनिकों द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित ड्रोन का प्रदर्शन रहा, जिसने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रही प्रगति को रेखांकित किया।
हरियाणा के चंडीमंदिर (चंडीगढ़ के निकट) स्थित मुख्यालय वाली पश्चिमी कमान भारतीय सेना की एक प्रमुख परिचालनात्मक कमान है, जिसे भारत की पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऑपरेशन सिंदूर सहित कई प्रमुख युद्धों और संघर्षों में इसकी भूमिका रही है। यह अलंकरण समारोह भारतीय सेना की उन मूलभूत परंपराओं का सशक्त प्रमाण बना, जिनमें वीरता का सम्मान, नवाचार का प्रोत्साहन और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की अडिग तत्परता सर्वोपरि है।