अमलाहा में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू

Sat 07-Feb-2026,06:21 PM IST +05:30

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अमलाहा में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू Dalhan-atmnirbharata-mission-amlaha
  • अमलाहा में राष्ट्रीय दलहन परामर्श बैठक, किसानों और विशेषज्ञों ने भाग लिया, उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भरता का रोडमैप तय हुआ।

  • केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि भारत दालों का निर्यातक बनेगा, आयात पर निर्भरता खत्म होगी और किसानों की आय सुरक्षित रहेगी।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Sehore/ मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में देशव्यापी दलहन क्रांति की शुरुआत हुई। राष्ट्रीय दलहन परामर्श और रणनीति बैठक में किसानों, वैज्ञानिकों, FPOs, कृषि मंत्रियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत दालों का आयात नहीं करेगा, बल्कि निर्यातक बनेगा, किसानों की आय सुरक्षित रहेगी और देश में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के माध्यम से उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलेगा।
आज अमलाहा में आयोजित राष्ट्रीय दलहन परामर्श एवं रणनीति बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के किसानों के हितों को सुरक्षित रखने और दलहन उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में भारत की दलहन नीति को किसानों के खेतों से जोड़ने का संदेश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दालें विदेश से मंगवाना अब भारत के लिए सम्मान की बात नहीं है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित सर्वोपरि हैं और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बावजूद भारत के किसानों पर कोई आंच नहीं आएगी। उन्होंने दलहन के क्लस्टर मॉडल पर जोर दिया, जिसमें बीज, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के माध्यम से उत्पादन और प्रोसेसिंग दोनों बढ़ाई जाएंगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में 1,000 दाल मिलें खोली जाएंगी, जिनमें से 55 मध्य प्रदेश के विभिन्न क्लस्टरों में स्थापित होंगी। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन और नए रोजगार अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब बीज वितरण दिल्ली से नहीं होगा बल्कि प्रदेश स्तर पर किसान तक पहुँचाया जाएगा।

दलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए उन्नत किस्में, जल्दी पकने वाली फसलें और रोगमुक्त बीज पर अनुसंधान किया जा रहा है। इस मिशन के तहत मसूर, चना, उड़द, बटरा और मूंग की उत्पादकता में सुधार के लिए वैज्ञानिकों और ICAR–ICARDA के विशेषज्ञ काम कर रहे हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि निर्यात बढ़ाने से देश के अन्य क्षेत्रों, MSME और युवाओं को भी लाभ मिलेगा। बासमती चावल, मसाले, टेक्सटाइल, और हस्तशिल्प के उत्पादों पर नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह मिशन केवल किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

अंत में, केंद्रीय मंत्री ने किसानों से कहा कि MSP, उत्पादन और बाजार के माध्यम से किसान की आय सुनिश्चित की जाएगी और देश में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के माध्यम से भारत को दालों के मामले में सशक्त बनाया जाएगा।