अमित शाह ने की जम्मू-कश्मीर विकास परियोजनाओं की समीक्षा
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अमित शाह ने जम्मू में बैठक कर सड़क, बिजली, पर्यटन और डिजिटल कनेक्टिविटी सहित विकास परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की।
जम्मू-कश्मीर को SASCI योजना में शामिल कर 50 साल का ब्याज-मुक्त पूंजीगत ऋण उपलब्ध कराने का बड़ा फैसला लिया गया।
Jammu/ जम्मू में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में अमित शाह ने सड़क, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली आपूर्ति, उद्योग, पर्यटन, 4G सेवाओं और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय गृह सचिव सहित केंद्र और केंद्रशासित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
गृह मंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों की रफ्तार अभूतपूर्व रही है। उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता के दोहन पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचे। अमित शाह ने यह भी कहा कि विकास परियोजनाओं के लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
युवाओं को विकास से जोड़ने के लिए गृह मंत्री ने खेल अवसंरचना को मजबूत करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर बल दिया। उन्होंने बताया कि विभिन्न खेल संस्थाओं से समन्वय कर लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रयास किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई दिशा मिलेगी।
डेयरी सेक्टर को लेकर अमित शाह ने कहा कि National Dairy Development Board (NDDB) के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जानी चाहिए।
एक अहम निर्णय के तहत, जम्मू-कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में Special Assistance to States for Capital Investment (SASCI) योजना में शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 वर्षों की ब्याज-मुक्त सहायता मिलेगी। गृह मंत्री ने कहा कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से भविष्य में वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में जम्मू-कश्मीर की भूमिका अहम होगी। उनका यह दौरा केंद्र सरकार की शांति, सुरक्षा और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।