इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट: जुमे की नमाज में आत्मघाती हमला

Fri 06-Feb-2026,05:02 PM IST +05:30

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इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट: जुमे की नमाज में आत्मघाती हमला Islamabad-Mosque-Suicide-Blast-Friday-Prayers
  • इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती हमला, 24 मौतें और 100 से ज्यादा घायल

  • PIMS और CDA अस्पताल में इमरजेंसी लागू, राजधानी में बढ़ते आतंकी खतरे पर फिर उठे सवाल

Islamabad Capital Territory / Islamabad :

Islamabad/ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर भीषण आतंकी हमले से दहल उठी है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान शिया समुदाय की एक प्रमुख मस्जिद में हुए आत्मघाती विस्फोट ने पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में अब तक 24 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत नाजुक होने से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

यह आत्मघाती हमला कस्र-ए-खदीजतुल कुब्रा शिया मस्जिद में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर ने मस्जिद के मुख्य प्रवेश द्वार पर खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया। धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे तक टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

विस्फोट के तुरंत बाद इस्लामाबाद में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। पुलिस, रेंजर्स और अन्य सुरक्षाबलों ने घटनास्थल को चारों ओर से घेर लिया और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

घायलों को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मुख्य इमरजेंसी, बर्न यूनिट, न्यूरोलॉजी और ऑर्थोपेडिक विभागों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की टीमें लगातार घायलों का इलाज कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को भी बुलाया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी इस्लामाबाद आतंकी घटनाओं का गवाह बन चुका है। नवंबर 2025 में राजधानी के G-11 सेक्टर स्थित कोर्ट परिसर के बाहर हुए आत्मघाती हमले में कई लोगों की जान गई थी। बार-बार हो रहे ऐसे हमले पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और आतंकी खतरे की गंभीरता को उजागर करते हैं।