छत्तीसगढ़ में बिजली मेंटेनेंस शुरू

Sat 07-Feb-2026,03:38 PM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ में बिजली मेंटेनेंस शुरू Chhattisgarh-Power-Maintenance-Summer-Electricity-Cut
  • मार्च से अप्रैल तक चलेगा मेंटेनेंस अभियान, उपभोक्ताओं को SMS और अखबार के जरिए पहले मिलेगी बिजली बंद होने की सूचना

  • राज्य पॉवर कंपनी का दावा, मेंटेनेंस से गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली आपूर्ति रहेगी ज्यादा स्थिर और सुरक्षित

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती सामने आने वाली है। अगले माह से प्रदेश के कई इलाकों में रोजाना घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ सकती है। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने गर्मी और मानसून के मद्देनज़र प्रदेशभर के बिजली फीडरों में मेंटेनेंस कार्य शुरू करने की योजना बनाई है। इस दौरान प्रतिदिन चार से छह घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी, जिससे आमजन और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

मेंटेनेंस के चलते बिजली कटौती

छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के अनुसार प्रदेश में कुल 5,500 बिजली फीडर हैं, जिनमें चरणबद्ध तरीके से मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। रोजाना 100 से अधिक फीडरों पर काम होगा, जिसके चलते संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद रखनी पड़ेगी। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया गर्मी में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए जरूरी है।

मार्च से अप्रैल तक चलेगा काम

मेंटेनेंस कार्य मार्च से अप्रैल तक चलेगा। गर्मी को देखते हुए काम सुबह 8 बजे से शुरू किए जाने की संभावना है। जिन फीडरों में कार्य होना है, उनकी जानकारी एक दिन पहले अखबारों के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भी सूचना दी जाएगी, ताकि लोग पहले से तैयारी कर सकें।

मानसून से पहले दोबारा मेंटेनेंस

पॉवर कंपनी ने बताया कि मानसून से पहले मई और जून माह में भी एक बार फिर मेंटेनेंस किया जाएगा। यह प्रक्रिया हर साल अपनाई जाती है ताकि बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि मेंटेनेंस के बाद भी प्राकृतिक कारणों से तकनीकी खराबी की संभावना बनी रहती है।

डेढ़ माह में पूरा होगा कार्य

सभी 5,500 फीडरों के मेंटेनेंस में करीब डेढ़ माह का समय लगता है। पॉवर कंपनी का कहना है कि यह असुविधा अस्थायी है, लेकिन इससे आने वाले महीनों में बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।