पालघर में बुलेट ट्रेन सुरंग में बड़ी सफलता, मुंबई-अहमदाबाद सफर होगा 1:58 घंटे

Sat 03-Jan-2026,01:15 AM IST +05:30

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पालघर में बुलेट ट्रेन सुरंग में बड़ी सफलता, मुंबई-अहमदाबाद सफर होगा 1:58 घंटे
  • पालघर में पहली पर्वतीय सुरंग एमटी-5 के निर्माण में 55 प्रतिशत प्रगति, बुलेट ट्रेन परियोजना की बड़ी तकनीकी सफलता।

  • मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से यात्रा समय घटकर 1 घंटा 58 मिनट, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा।

  • हाई-स्पीड रेल परियोजना से 95% तक कार्बन उत्सर्जन में कमी, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बल।

Maharashtra / Mumbai :

मुंबई/ मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र के पालघर जिले में पहली पर्वतीय सुरंग के निर्माण में बड़ी तकनीकी सफलता मिली है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि को भारत की आधुनिक परिवहन क्षमता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल यात्रा समय को ऐतिहासिक रूप से घटाएगी, बल्कि रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और मध्यम वर्ग की सस्ती यात्रा आकांक्षाओं को भी मजबूती देगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत पहली पर्वतीय सुरंग एमटी-5 के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हासिल हुई है। लगभग 1.48 किलोमीटर लंबी यह सुरंग विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है और इसे महाराष्ट्र की सबसे लंबी पर्वतीय सुरंगों में से एक माना जा रहा है। 2 जनवरी 2026 तक इस सुरंग का 55 प्रतिशत निर्माण कार्य दोनों सिरों से खुदाई कर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

एमटी-5 सुरंग का निर्माण अत्याधुनिक “ड्रिल और ब्लास्ट” तकनीक से किया गया है, जिससे वास्तविक समय में जमीन की स्थिति की निगरानी संभव हो सकी। इस प्रक्रिया के दौरान शॉटक्रेट, रॉक बोल्ट और लैटिस गर्डर जैसी सहायक संरचनाओं का उपयोग कर सुरंग को सुरक्षित बनाया गया। निर्माण कार्य में वायु-संचार, अग्नि सुरक्षा, प्रवेश-निकास व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन किया गया।

रेल मंत्री ने बताया कि इससे पहले सितंबर 2025 में ठाणे और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीच लगभग 5 किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग का निर्माण भी पूरा किया जा चुका है। कुल 508 किलोमीटर लंबी इस हाई-स्पीड रेल परियोजना में 27.4 किलोमीटर सुरंगें शामिल हैं, जिनमें 21 किलोमीटर भूमिगत और 6.4 किलोमीटर सतही सुरंगें हैं। महाराष्ट्र में कुल सात पर्वतीय सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी संयुक्त लंबाई लगभग 6 किलोमीटर है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण चरण में ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं, जबकि परिचालन शुरू होने के बाद आर्थिक गतिविधियों में और तेजी आएगी। परियोजना पूरी होने पर मुंबई से अहमदाबाद की यात्रा केवल 1 घंटा 58 मिनट में पूरी हो सकेगी, जिससे दोनों प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह कॉरिडोर ज्ञान के आदान-प्रदान, औद्योगिक विकास और नए आईटी हब के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा। इसके साथ ही, बुलेट ट्रेन सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 95 प्रतिशत कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन करेगी, जिससे यह परियोजना पर्यावरण के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। रेल मंत्री के अनुसार, यह बुलेट ट्रेन मध्यम वर्ग के लिए आरामदायक और अपेक्षाकृत सस्ती यात्रा का विकल्प बनेगी और भारत के परिवहन अवसंरचना में एक परिवर्तनकारी अध्याय जोड़ेगी।