बोत्सवाना से शावकों संग आएंगे चीते

Thu 05-Feb-2026,06:25 PM IST +05:30

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बोत्सवाना से शावकों संग आएंगे चीते Botswana-Cheetahs-With-Cubs-To-Kuno-National-Park
  • बोत्सवाना से 2 मादा चीते और 6 शावक 28 फरवरी को विशेष विमान से भारत लाए जाएंगे, कूनो नेशनल पार्क में होगी नई बसाहट।

  • चीता प्रोजेक्ट के तहत क्वारंटीन, निगरानी और भारतीय पर्यावरण में अनुकूलन की पूरी वैज्ञानिक तैयारी की गई है।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Madhya Pradesh/ मध्य प्रदेश एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए राज्य को बोत्सवाना से नए चीते मिलने जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार केवल वयस्क चीते ही नहीं, बल्कि उनके शावकों को भी भारत लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।
चीता प्रोजेक्ट के तहत बोत्सवाना से 28 फरवरी को विशेष विमान के जरिए दो मादा चीते और उनके छह छोटे शावकों को भारत लाया जाएगा। भारत पहुंचने के बाद इन चीतों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीधे मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा। यहां उन्हें पहले एक बड़े और सुरक्षित बाड़े में रखा जाएगा, ताकि वे भारतीय वातावरण में खुद को ढाल सकें। आवश्यक निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चीतों के आगमन को लेकर क्वारंटीन, स्वास्थ्य जांच, ट्रैकिंग कॉलर और निगरानी व्यवस्था पहले से ही तैयार कर ली गई है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों की टीम चीतों की सेहत पर लगातार नजर रखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसाहट से न केवल जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

भारत में चीतों की पुनर्स्थापना की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते भारत आए। समय के साथ कूनो में चीतों की संख्या बढ़ती गई और उन्होंने शावकों को जन्म भी दिया।

वर्तमान में मध्य प्रदेश में बड़े और छोटे मिलाकर कुल 32 चीते हैं। बोत्सवाना से आने वाले नए चीतों और उनके शावकों के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी, जिससे भारत में चीतों के भविष्य को नई मजबूती मिलेगी। यह कदम देश में विलुप्त हो चुके चीतों की स्थायी वापसी की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।