उपराष्ट्रपति ने पी. एन. पणिक्कर की पुस्तक ‘द लाइब्रेरी मैन ऑफ इंडिया’ का विमोचन किया
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Education News
उपराष्ट्रपति ने पुस्तक का विमोचन किया.
पी. एन. पणिक्कर के योगदान को श्रद्धांजलि.
पुस्तकालय और ज्ञान के महत्व पर जोर.
Delhi / भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में पी. पी. सत्यन द्वारा लिखित पुस्तक ‘द लाइब्रेरी मैन ऑफ इंडिया: द स्टोरी ऑफ पी. एन. पणिक्कर’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पी. एन. पणिक्कर के जीवन और योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने पुस्तकों और ज्ञान के माध्यम से समाज में गहरा परिवर्तन लाया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पी. एन. पणिक्कर का सपना था कि समाज का हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी वर्ग या क्षेत्र से हो, ज्ञान तक समान पहुंच रखे। उन्होंने केरल के कुट्टानाड से शुरू होकर पुस्तकालय और साक्षरता आंदोलन को एक जन-आंदोलन में बदल दिया, जिससे हजारों लोगों के जीवन में शिक्षा और जागरूकता आई।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी पढ़ने की आदत में कमी एक गंभीर चिंता का विषय है। मोबाइल और सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता ने गहन अध्ययन और चिंतन की प्रक्रिया को प्रभावित किया है। उन्होंने जोर दिया कि पुस्तकालय केवल किताबों का स्थान नहीं, बल्कि विचार, कल्पना और ज्ञान के केंद्र होने चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने सरकार की ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ और ‘ज्ञान भारतम मिशन’ जैसी पहलों की सराहना की, जो भारत की ज्ञान परंपरा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने अंत में कहा कि एक पुस्तक व्यक्ति का जीवन बदल सकती है और पढ़ने की आदत पूरे समाज को नई दिशा दे सकती है।