विश्व मापन दिवस 2026: नीति निर्माण और पारदर्शिता में मापन की अहम भूमिका पर जोर
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World Metrology Day
विश्व मापन दिवस 2026 का आयोजन.
सटीक मापन और पारदर्शिता पर जोर.
डिजिटल मापन प्रणाली से भारत मजबूत.
Delhi / 20 मई 2026 को भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग ने विश्व मापन दिवस 2026 का आयोजन बड़े स्तर पर किया। यह दिन ऐतिहासिक मीटर कन्वेंशन (20 मई 1875) की 151वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है, जो वैश्विक स्तर पर मापन और मानकीकरण की नींव रखता है। इस वर्ष की थीम “मापन: नीति निर्माण में विश्वास का निर्माण” रखी गई, जो सटीक मापन की भूमिका को नीति, व्यापार और जनसेवा से जोड़ती है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधन देते हुए कहा कि सटीक और विश्वसनीय मापन किसी भी देश की विकास प्रक्रिया की रीढ़ होते हैं। उन्होंने बताया कि निष्पक्ष व्यापार, उपभोक्ता संरक्षण और वैज्ञानिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मेट्रोलॉजी (मापन विज्ञान) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार ने ई-माप पोर्टल जैसे डिजिटल सुधार लागू किए हैं, जिससे लाइसेंसिंग, सत्यापन और प्रवर्तन की प्रक्रिया आसान हुई है। साथ ही 40 सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्रों के माध्यम से देश की मापन प्रणाली को और मजबूत किया गया है।
कार्यक्रम में बताया गया कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ रहा है और OIML जैसे वैश्विक ढांचों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इससे भारत के निर्यात और तकनीकी क्षमता को नई गति मिली है।
इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि भारतीय मानक समय, स्वास्थ्य उपकरणों की सटीकता, ई-गवर्नेंस और डिजिटल मापन प्रणाली भविष्य के भारत को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बना रही है।
समारोह के अंत में सभी विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सटीक मापन ही सुशासन, उपभोक्ता विश्वास और विकसित भारत की मजबूत नींव है।