प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत को विकास के अगले चरण में ले जाने के लिए आवश्यक सुधारों की दिशा तय करना था। मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए और यह समझने की कोशिश की कि नीतियों को और अधिक सरल, प्रभावी और जनहितकारी कैसे बनाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि चर्चा का केंद्र “विकसित भारत” के लक्ष्य को तेज गति से हासिल करना रहा। इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निवेश को बढ़ावा देने और आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने एक्स (Twitter) पर साझा किए गए संदेश में कहा कि यह बैठक अत्यंत सार्थक और परिणामोन्मुखी रही। इसमें विभिन्न सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों (Best Practices) पर विचार हुआ और भविष्य में सुधारों को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने पर सहमति बनी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि नागरिकों के दैनिक जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। “जीवन में सुगमता” का मतलब है कि आम व्यक्ति को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके, वहीं “कारोबार में सुगमता” का उद्देश्य उद्योग और निवेश को बढ़ावा देना है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग बढ़ाकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी और तेज बनाया जा सकता है। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार और जटिलताओं में भी कमी आएगी।
कुल मिलाकर यह बैठक विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें सभी मंत्रियों ने मिलकर सुधारों को गति देने का संकल्प दोहराया।