तेलंगाना राज्यपाल ने IIT तिरुपति में युवा संगम प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

Wed 20-May-2026,11:59 PM IST +05:30

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तेलंगाना राज्यपाल ने IIT तिरुपति में युवा संगम प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात Telangana Governor News
  • IIT तिरुपति में युवा संगम कार्यक्रम आयोजित. 

  • राज्यपाल ने युवाओं को दिया राष्ट्र निर्माण संदेश. 

  • सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान पर जोर. 

Telangana / Sirpur :

Telangana / 18 मई 2026 को तेलंगाना के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ला ने आईआईटी तिरुपति में आयोजित “युवा संगम” कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र के युवा प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनसे संवाद किया। यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) पुणे के नेतृत्व में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अनुभवात्मक गतिविधियों में भाग ले रहा है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं के बीच अंतर-राज्यीय समझ और सहयोग को मजबूत करना है।

राज्यपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है, और इसे मजबूत करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवा संगम जैसी पहलें छात्रों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और विकास यात्रा को समझने का अवसर देती हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज का युवा केवल भविष्य का नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान में राष्ट्र निर्माण का सक्रिय भागीदार है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

आईआईटी तिरुपति की यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और छात्रों से बातचीत की और अत्याधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक शोध और नवाचार की दुनिया को करीब से समझा। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण भारत की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का भी अनुभव लिया।

युवा संगम का छठा चरण शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसका उद्देश्य देशभर के युवाओं को जोड़कर सांस्कृतिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को मजबूत करना है। यह पहल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करती है, जिससे भारत की विविधता और विकास की साझा यात्रा को और मजबूती मिलती है।

इस पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब देश का युवा एक-दूसरे की संस्कृति को समझता और सम्मान करता है, तभी एक मजबूत और एकजुट भारत का निर्माण संभव है।