छत्तीसगढ़ में पैनल अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ा, विवेक शर्मा को नई जिम्मेदारी
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Chhattisgarh Panel Advocate Fee Hike Vivek Sharma Appointment
नए आदेश में मानदेय भुगतान, उपस्थिति और सुनवाई को लेकर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए।
महाधिवक्ता विवेक शर्मा को बिलासपुर हाईकोर्ट में शासकीय अधिवक्ता और लोक अभियोजक नियुक्त किया गया।
RAIPUR/ राज्य सरकार ने विधि विभाग के माध्यम से एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए पैनल अधिवक्ताओं के मानदेय में बड़ी वृद्धि की है। वर्ष 2013 से अब तक पैनल वकीलों को प्रतिदिन 1500 रुपये मानदेय दिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। लंबे समय से अधिवक्ताओं द्वारा की जा रही मांग के बाद सरकार के इस निर्णय को विधिक जगत में बड़ी राहत और सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार का मानना है कि मानदेय वृद्धि से पैनल अधिवक्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और शासकीय मामलों की पैरवी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। यह निर्णय राज्य के विधिक तंत्र को सुदृढ़ करने और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी आदेश के तहत छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता विवेक शर्मा को बिलासपुर हाईकोर्ट में राज्य सरकार का शासकीय अधिवक्ता (गवर्नमेंट प्लीडर) एवं लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावशील होगी। इस नई जिम्मेदारी के साथ उनसे राज्य सरकार के पक्ष को मजबूती से रखने की अपेक्षा की जा रही है।
आदेश में मानदेय भुगतान को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पैनल अधिवक्ताओं को प्रतिदिन के आधार पर ही मानदेय देय होगा। यदि किसी दिन एक से अधिक मामलों में सुनवाई होती है, तब भी एक दिन का तय मानदेय ही दिया जाएगा। साथ ही यह शर्त रखी गई है कि संबंधित दिन में कम से कम एक मामले में अधिवक्ता की न्यायालय में उपस्थिति अनिवार्य होगी।
विधि विभाग द्वारा यह आदेश सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेज दिया गया है। प्रशासनिक और कानूनी हलकों में इसे पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।