MoSPI ने नया लोगो और शुभंकर लॉन्च किया, डेटा-आधारित शासन को मिलेगा बल

Thu 01-Jan-2026,01:23 PM IST +05:30

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MoSPI ने नया लोगो और शुभंकर लॉन्च किया, डेटा-आधारित शासन को मिलेगा बल Mospi-New-Logo-Mascot-Launch-2026
  • नए लोगो में अशोक चक्र, रुपये का चिन्ह और विकास रेखा भारत के आर्थिक नियोजन और पारदर्शिता को दर्शाते हैं।

  • “सांख्यिकी” शुभंकर का उद्देश्य आंकड़ों को सरल बनाकर एनएसओ सर्वेक्षणों में जनता की भागीदारी बढ़ाना है।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 1 जनवरी 2026 को अपने नए लोगो और आधिकारिक शुभंकर का अनावरण कर अपनी संस्थागत पहचान को नया स्वरूप दिया है। यह पहल मंत्रालय द्वारा आधिकारिक आंकड़ों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने, जनसंपर्क बढ़ाने तथा डेटा-आधारित शासन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मंत्रालय का नया लोगो भारत के विकास में आंकड़ों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है। यह लोगो भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सांख्यिकी विज्ञान से प्रेरित है तथा “विकास के लिए डेटा” के मंत्रालय के दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। लोगो में शामिल अशोक चक्र सत्य, पारदर्शिता और सुशासन का प्रतीक है, जबकि केंद्र में स्थित रुपये का चिह्न आर्थिक नियोजन, नीति निर्माण और राष्ट्रीय विकास में आंकड़ों की अहम भूमिका को उजागर करता है।

लोगो में प्रयुक्त संख्याएं और प्रतीक आधुनिक डेटा प्रणालियों और सांख्यिकी विज्ञान की ओर संकेत करते हैं। ऊपर की ओर जाती विकास रेखा यह दर्शाती है कि विश्वसनीय और सटीक डेटा किस प्रकार सतत आर्थिक प्रगति को गति देता है। केसरिया, सफेद, हरा और गहरा नीला रंग भारत के राष्ट्रीय मूल्यों विकास, सत्य, स्थिरता, स्थायित्व और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इसके साथ ही मंत्रालय ने अपना नया शुभंकर “सांख्यिकी” भी प्रस्तुत किया है। यह एक मैत्रीपूर्ण, भरोसेमंद और लोक-केंद्रित चरित्र है, जिसका उद्देश्य आंकड़ों को आम जनता के लिए सरल, समझने योग्य और आकर्षक बनाना है। “सांख्यिकी” को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह जटिल सांख्यिकीय अवधारणाओं को दृश्य और सरल भाषा में समझा सके।

मंत्रालय की सार्वजनिक पहचान के रूप में यह शुभंकर अब एनएसओ सर्वेक्षणों, जनजागरूकता अभियानों, शैक्षिक सामग्री, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उपयोग किया जाएगा। इससे जनता की भागीदारी बढ़ेगी और आधिकारिक आंकड़ों पर विश्वास को मजबूती मिलेगी।