MP विधानसभा में हेमंत कटारे का रामेश्वर शर्मा को कांग्रेस ऑफर

Mon 23-Feb-2026,02:04 PM IST +05:30

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MP विधानसभा में हेमंत कटारे का रामेश्वर शर्मा को कांग्रेस ऑफर MP-Assembly-Hemant-Katare-Rameshwar-Sharma-Offer
  • एमपी विधानसभा के बजट सत्र में हेमंत कटारे ने मंत्री रामेश्वर शर्मा को कांग्रेस में शामिल होने का खुला ऑफर दिया।

  • इस्तीफे की अटकलों के बीच कटारे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने संगठन और मल्लिकार्जुन खड़गे को स्वेच्छा से इस्तीफा भेजा।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Bhopal/ मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सदन में राजनीतिक गर्माहट चरम पर रही। कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लाडली बहना योजना सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, तो सत्तापक्ष ने भी पलटवार किया। इसी दौरान उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मंत्री रामेश्वर शर्मा को कांग्रेस में शामिल होने का खुला ऑफर देकर सियासी हलचल तेज कर दी।

सदन में बहस के दौरान हेमंत कटारे ने रामेश्वर शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो कांग्रेस में उनका स्वागत है। इतना ही नहीं, कटारे ने यह भी कहा कि पार्टी में उन्हें मंत्री बनाने पर भी विचार किया जा सकता है। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबा बढ़ गया।

दरअसल, हाल ही में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इस बीच यह अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि हेमंत कटारे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इस पर रामेश्वर शर्मा ने पहले बयान दिया था कि भाजपा के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और यदि कटारे चाहें तो वे भाजपा में आ सकते हैं। इसी बयान पर पलटवार करते हुए कटारे ने कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर दे दिया।

इस्तीफे को लेकर कटारे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने संगठन को और मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा भेजा था। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी दबाव में नहीं लिया गया, बल्कि पारिवारिक और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों के कारण लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वे उसे स्वीकार करेंगे।

कटारे ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि उन्होंने रातभर तैयारी की थी, लेकिन प्रस्ताव को सदन में मंजूरी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के प्रभाव में सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई में आगे रहेंगे।