पश्चिम बंगाल में 91 लाख मतदाता हटे, चुनाव से पहले बड़ा अपडेट

Tue 07-Apr-2026,02:09 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

पश्चिम बंगाल में 91 लाख मतदाता हटे, चुनाव से पहले बड़ा अपडेट West-Bengal-Voter-List-Removal-91-Lakh
  • पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद लगभग 91 लाख नाम हटाए गए, जिससे चुनावी समीकरण और राजनीतिक रणनीतियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

  • मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए, जबकि हटाए गए मतदाताओं को अपील का एक और मौका मिलेगा।

West Bengal / Kolkata :

West Bengal/ पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। Election Commission of India द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत हटाए गए मतदाताओं की संख्या बढ़कर लगभग 90,83,345 तक पहुंच गई है, जो अंतिम रूप से करीब 91 लाख हो सकती है।

हालांकि, अभी अंतिम आंकड़ों की घोषणा बाकी है क्योंकि कुछ मामलों में न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर होने शेष हैं। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, अंतिम संख्या आधिकारिक रूप से जारी कर दी जाएगी।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन मामलों में से 27,16,393 मतदाताओं को हटाने योग्य माना गया और उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

यह संख्या पिछले आंकड़ों में जुड़ने के बाद कुल हटाए गए मतदाताओं की संख्या को 90 लाख से अधिक तक ले जाती है। गौरतलब है कि नवंबर में SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में कुल मतदाता 7.66 करोड़ से अधिक थे। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे, जो फरवरी में बढ़कर 63 लाख से ज्यादा हो गए।

अब न्यायिक समीक्षा के बाद हटाए गए नामों की संख्या और बढ़ गई है। हालांकि, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें अपील करने का एक और मौका दिया जाएगा, जिससे वे अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें।

जिलेवार आंकड़ों में मुर्शिदाबाद सबसे ऊपर है, जहां 4.55 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। इसके बाद उत्तर 24 परगना का स्थान है, जहां 3.25 लाख नाम सूची से हटाए गए।

इस बीच, राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में मतदाता सूची में हुए इस बड़े बदलाव का सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।