LPG संकट के बीच भारत ने बढ़ाई 5 किलो सिलेंडर सप्लाई
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वैश्विक संकट के बीच भारत सरकार ने 5 किलो एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ाई, अब तक 6.6 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई।
जमाखोरी पर सख्ती, 3700 छापे और कई डीलर निलंबित, सरकार ने पर्याप्त स्टॉक बताते हुए पैनिक बायिंग से बचने की अपील की।
Delhi/ वैश्विक स्तर पर बढ़ते तेल और गैस संकट के बीच भारत सरकार ने एलपीजी की संभावित कमी से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज क्षेत्र में अस्थिरता के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत में एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छोटे 5 किलोग्राम वाले ‘छुटकू’ सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ाई गई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च से अब तक देशभर में लगभग 6.6 लाख छोटे एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। इन सिलेंडरों को गैस एजेंसियों के काउंटर से सीधे खरीदा जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबी प्रक्रिया और इंतजार से राहत मिलती है।
इन छोटे सिलेंडरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता नहीं होती। उपभोक्ता केवल एक वैध पहचान पत्र दिखाकर आसानी से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिन्हें तत्काल गैस की आवश्यकता होती है या जो अस्थायी स्थानों पर रह रहे हैं।
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बायिंग से बचें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं, करीब 1,000 डीलरों को नोटिस जारी किए गए हैं और 36 डीलरों को निलंबित किया गया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
मंत्रालय के अनुसार, देश की सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति में फिलहाल कोई बाधा नहीं है। साथ ही, एलएनजी कार्गो के आगमन से उर्वरक संयंत्रों की आपूर्ति भी जल्द बेहतर होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस त्वरित कदम से एलपीजी संकट को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी। 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर आम उपभोक्ताओं के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरे हैं, जिससे गैस की उपलब्धता अधिक सुगम और तेज हो गई है।