गेहूं खरीदी में देरी से किसानों का प्रदर्शन, विदिशा में हाईवे जाम

Mon 06-Apr-2026,06:24 PM IST +05:30

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गेहूं खरीदी में देरी से किसानों का प्रदर्शन, विदिशा में हाईवे जाम Vidisha-Wheat-Procurement-Farmers-Protest
  • विदिशा में गेहूं खरीदी में देरी से नाराज किसानों ने हाईवे जाम किया, लंबी कतारों के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।

  • ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण खरीदी प्रभावित, किसानों ने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

Madhya Pradesh / Vidisha :

Vidisha/ मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गेहूं खरीदी में हो रही देरी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ न मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने विदिशा-सागर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य घोषित किए जाने के बावजूद मंडियों में खरीदी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते उन्हें मजबूरी में अपनी फसल निजी व्यापारियों को कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है। किसानों के अनुसार, जहां समर्थन मूल्य करीब 2600 रुपये प्रति क्विंटल है, वहीं बाजार में उन्हें मात्र 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं, जिससे उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही।

मंडी परिसर में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटे से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। लंबी कतारों और अव्यवस्था के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि पहले मौसम की मार और बढ़ती लागत ने उन्हें परेशान किया, और अब खरीदी में देरी ने उनकी आर्थिक स्थिति को और खराब कर दिया है।

इस बीच, मंडी में व्यापारियों और प्रशासन के बीच भी विवाद की स्थिति बन गई। व्यापारियों का कहना है कि मैन्युअल भुगतान प्रक्रिया बंद होने और ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य किए जाने के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है। कई व्यापारी नई व्यवस्था का पालन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया बाधित हो रही है।

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत कर चक्काजाम खत्म कराया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही खरीदी प्रक्रिया को सुचारू किया जाएगा और किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

फिलहाल स्थिति सामान्य कर ली गई है, लेकिन किसानों में नाराजगी बनी हुई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।