उपराष्ट्रपति ने NCC गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का उद्घाटन

Mon 05-Jan-2026,04:26 PM IST +05:30

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उपराष्ट्रपति ने NCC गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का उद्घाटन NCC-Republic-Day-Camp-2026-Vice-President
  • 78 वर्षों में एनसीसी विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बनकर विकसित भारत@2047 की रीढ़ साबित हो रहा है।

  • साइबर और ड्रोन प्रशिक्षण जैसे आधुनिक कार्यक्रम एनसीसी कैडेटों को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली/ उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित DGNCC कैंप में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्र निर्माण, युवा विकास और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में एनसीसी की ऐतिहासिक और निरंतर भूमिका की सराहना की।

कैडेटों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अपने 78वें वर्ष में प्रवेश कर चुका एनसीसी आज विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बन गया है। उन्होंने कहा कि एनसीसी अनुशासित, जिम्मेदार और देशभक्त नागरिकों के निर्माण के अपने मूल उद्देश्य पर दृढ़ता से कायम है। गणतंत्र दिवस शिविर को उन्होंने युवाओं में आत्मविश्वास, समर्पण और एक सशक्त व एकजुट भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया।

एनसीसी के आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संगठन मूल्यनिष्ठ, आत्मनिर्भर और सेवाभावी युवाओं को आकार दे रहा है, जो विकसित भारत@2047 की आधारशिला हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत की यात्रा कुशल, अनुशासित और राष्ट्रसेवा के लिए तत्पर युवाओं के बल पर ही संभव है, जिसमें एनसीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उपराष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेटों के उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए बताया कि लगभग 72,000 कैडेटों ने स्वेच्छा से नागरिक सुरक्षा कर्तव्यों में भाग लिया। उन्होंने इसे आवश्यकता के समय राष्ट्र के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता, साहस और तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

गणतंत्र दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए कैडेट एक साथ रहकर प्रशिक्षण लेते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को बल मिलता है।

एनसीसी प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने साइबर प्रशिक्षण, ड्रोन प्रशिक्षण और रिमोट पायलट प्रशिक्षण अकादमी जैसी पहलों को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहायक बताया। उन्होंने केरल के वायनाड बाढ़ सहित आपदा राहत अभियानों, पर्यावरणीय पहलों और अंतरराष्ट्रीय युवा विनिमय कार्यक्रमों में एनसीसी कैडेटों के योगदान की भी प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने कैडेटों द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया, हॉल ऑफ फेम का भ्रमण किया और एनसीसी की विरासत व उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन कर युवा आपदा मित्र योजना और ड्रोन प्रशिक्षण जैसी पहलों की सराहना की। अंत में उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम देखा और कैडेटों से संवाद करते हुए उनके अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव की भावना की प्रशंसा की।