ईरान-इजराइल तनाव का असर: एयर इंडिया टिकट महंगे, LPG भी बढ़ी
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ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण कच्चे तेल और एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतों में तेजी, एयर इंडिया ने फ्लाइट टिकटों पर 400 से 3000 रुपये तक फ्यूल सरचार्ज लगाया।
घरेलू और SAARC उड़ानों पर लगभग 399 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क, जबकि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर 10 से 30 डॉलर तक बढ़ेगा टिकट किराया।
Delhi/ पश्चिम एशिया में जारी तनाव और Iran–Israel conflict का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है। पहले कुकिंग गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई और अब हवाई यात्रा भी महंगी हो गई है। बढ़ती तेल कीमतों और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के महंगे होने के कारण एयरलाइन कंपनियों ने टिकटों पर अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है, जिससे यात्रियों को पहले से ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा।
बढ़ती लागत के दबाव में Air India और Air India Express ने अपने फ्लाइट टिकटों पर 400 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज लागू करने का फैसला किया है। एयरलाइंस का कहना है कि एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया है। एविएशन इंडस्ट्री में कुल परिचालन लागत का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा केवल जेट ईंधन पर खर्च होता है।
मार्च 2026 के पहले सप्ताह से ही जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में ATF पर लगने वाले अधिक उत्पाद शुल्क और वैट के कारण एयरलाइंस का खर्च और बढ़ गया है। ऐसे में कंपनियों के लिए टिकट की कीमतों में संशोधन करना मजबूरी बन गया है।
नई व्यवस्था के तहत घरेलू उड़ानों और SAARC देशों के लिए टिकट कीमतों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की जाएगी। घरेलू और पड़ोसी देशों की उड़ानों पर करीब 399 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाया जा सकता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी किराया बढ़ेगा। पश्चिम एशिया जाने वाली उड़ानों पर करीब 10 डॉलर, दक्षिण-पूर्व एशिया रूट पर लगभग 20 डॉलर और अफ्रीका रूट पर करीब 30 डॉलर तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है।
तेल की कीमतों में तेजी का असर केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं है। ऊर्जा सप्लाई पर बढ़ते दबाव के कारण एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर करीब 60 रुपये महंगा हो गया है, जबकि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगभग 115 रुपये तक की वृद्धि हुई है।
सरकार ने हालांकि लोगों को आश्वस्त किया है कि देश में गैस की सप्लाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। रिफाइनरियों को कुकिंग गैस का उत्पादन लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बाजार में आपूर्ति सामान्य बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।