फर्जी हस्ताक्षर मामले में फिर CID के सामने पेश हुए अभिषेक बनर्जी, जांच हुई तेज

Sun 14-Jun-2026,08:14 PM IST +05:30

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फर्जी हस्ताक्षर मामले में फिर CID के सामने पेश हुए अभिषेक बनर्जी, जांच हुई तेज Fake Signature Case
  • फर्जी हस्ताक्षर मामले में CID ने फिर अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की।

  • TMC विधायक कुणाल घोष को भी जांच में शामिल होने का नोटिस।

  • विधानसभा से जुड़े दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की जांच जारी।

West Bengal / Kolkata :

Kolkata / पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी रविवार को एक बार फिर CID मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले को लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि पिछली पूछताछ के दौरान मिले कुछ जवाबों को लेकर स्पष्टता नहीं मिल पाई थी, इसलिए उन्हें दोबारा तलब किया गया है।

यह मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े एक पत्र में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने के आरोपों से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों का इस्तेमाल ऐसे दस्तावेजों में किया गया, जिन पर उनकी सहमति नहीं थी। इसी शिकायत के आधार पर CID पूरे मामले की जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने इस मामले में TMC विधायक कुणाल घोष को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान दोनों नेताओं से आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए जा सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियां स्पष्ट हो सकती हैं।

CID ने अभिषेक बनर्जी से कुछ अहम दस्तावेज भी मांगे हैं, जिनकी जांच के बाद मामले की दिशा और स्पष्ट हो सकती है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित पत्र में हस्ताक्षर किस परिस्थिति में किए गए और क्या उसमें किसी तरह की अनियमितता हुई थी।

दरअसल, विवाद की शुरुआत उस पत्र से हुई थी जिसे विधानसभा सचिवालय को सौंपा गया था। इस पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय के समर्थन का उल्लेख था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पत्र पर मौजूद कुछ हस्ताक्षर वास्तविक नहीं हैं। विशेष रूप से TMC विधायक नयना बनर्जी के हस्ताक्षरों को लेकर सवाल उठाए गए, क्योंकि कथित तौर पर पत्र पर किए गए हस्ताक्षर उनके शपथ पत्र में मौजूद हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस लगातार इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। वहीं, जांच एजेंसी का कहना है कि वह पूरी निष्पक्षता के साथ सभी दस्तावेजों और बयानों की जांच कर रही है।

फिलहाल मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। CID दस्तावेजों, हस्ताक्षरों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का मिलान कर रही है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और भी स्पष्ट हो सकती है। इस बीच, पूरे मामले पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है और आगे की कार्रवाई को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।