AAP नेता संजीव अरोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली-नोएडा समेत 6 ठिकानों पर छापेमारी
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Delhi Noida ED Raid
ED ने दिल्ली-नोएडा समेत 4 राज्यों में 6 ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई।
जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
Delhi / आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। जांच एजेंसी की इस कार्रवाई ने राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। ईडी की टीमों ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की कोशिश की गई।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने पंजाब के लुधियाना और जालंधर, उत्तर प्रदेश के बरेली तथा दिल्ली-नोएडा क्षेत्र में कुल छह ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किया। जिन परिसरों में तलाशी ली गई, उनमें आवासीय भवनों के साथ-साथ व्यावसायिक कार्यालय भी शामिल हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इन स्थानों का संबंध हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े उन लोगों और संस्थाओं से है, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। ईडी का कहना है कि मामले की जांच के दौरान कई वित्तीय लेनदेन और कारोबारी संबंधों की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जरूरत महसूस हुई। इसी क्रम में एजेंसी ने यह फॉलो-अप सर्च ऑपरेशन शुरू किया, ताकि पहले मिले सुरागों की पुष्टि की जा सके और मामले से जुड़े नए तथ्यों को सामने लाया जा सके।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी का मुख्य उद्देश्य ऐसे दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा जुटाना था, जो कथित धन शोधन गतिविधियों की परतें खोलने में मदद कर सकें। टीमों ने कई कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर धन का प्रवाह किन माध्यमों से हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
गौरतलब है कि इस मामले में ईडी पहले ही संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ वित्तीय लेनदेन और कारोबारी गतिविधियों में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी विभिन्न पहलुओं को खंगाल रही है।
ईडी का पूरा फोकस इस बात पर है कि कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क कितना व्यापक था और इसके तार किन व्यक्तियों या संस्थाओं से जुड़े हो सकते हैं। हालिया छापेमारी के बाद माना जा रहा है कि जांच में कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जो मामले को और अधिक महत्वपूर्ण बना सकते हैं। आने वाले दिनों में ईडी द्वारा बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सभी की नजरें जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और संभावित निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।