केरल की ‘प्रियदर्शनी’ योजना शुरू: महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा सुविधा
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Priyadarshini Scheme
महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को केएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा।
बिना पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया के मिलेगा लाभ।
राज्य सरकार उठाएगी योजना का पूरा वित्तीय खर्च।
Thiruvanantpuram / केरल सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘प्रियदर्शनी’ नामक मुफ्त बस यात्रा योजना शुरू की है। सोमवार से लागू होने वाली इस योजना के तहत राज्य परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी प्रकार के पंजीकरण, आवेदन या विशेष दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। यात्रियों को बस में केवल कंडक्टर से इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETM) के जरिए शून्य मूल्य का ‘प्रियदर्शनी’ टिकट लेना होगा। इससे प्रत्येक यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा, जिससे योजना के खर्च का पारदर्शी प्रबंधन संभव हो सकेगा।
इस योजना का लाभ राज्यभर में संचालित 3,125 साधारण केएसआरटीसी बसों में मिलेगा। इससे लाखों महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को रोजमर्रा की यात्रा में आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। कामकाजी महिलाएं, छात्राएं, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा करने वाले लोग और घरेलू जिम्मेदारियों के लिए नियमित सफर करने वाली महिलाएं इससे सीधे लाभान्वित होंगी।
योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान द्वारा तिरुवनंतपुरम के थंपानूर बस टर्मिनल से किया जाएगा। खास बात यह है कि उद्घाटन यात्रा का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। बस की चालक और कंडक्टर दोनों महिलाएं होंगी, जबकि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिला यात्री भी इस यात्रा में शामिल होंगी।
सरकार के अनुसार, इस योजना से केएसआरटीसी पर हर महीने लगभग 60 करोड़ रुपये और सालाना करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और इससे निगम के वेतन, पेंशन या अन्य संचालन संबंधी कार्य प्रभावित नहीं होंगे। इसके लिए विशेष वित्तीय प्रबंधन प्रणाली भी तैयार की जा रही है।
परिवहन मंत्री सीपी जॉन का मानना है कि यात्रा खर्च समाप्त होने से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। इससे रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसरों तक उनकी पहुंच और मजबूत होगी। साथ ही ट्रांसजेंडर समुदाय को भी अधिक स्वतंत्रता और सामाजिक भागीदारी का अवसर मिलेगा।
राजनीतिक स्तर पर भी यह योजना चर्चा का विषय बनी हुई है। कांग्रेस इसे अपने चुनावी वादे की पूर्ति बता रही है, जबकि विपक्षी दलों ने इसके स्वरूप को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। बावजूद इसके, ‘प्रियदर्शनी’ योजना को महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक पहल माना जा रहा है, जिससे उनकी दैनिक जिंदगी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।