असम की GI-टैग तेजपुर लीची की पहली खेप दुबई रवाना, किसानों को मिला वैश्विक बाजार और बेहतर दाम
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Tezpur Litchi
जीआई-टैग तेजपुर लीची की पहली खेप दुबई के लिए निर्यात की गई।
किसानों को घरेलू बाजार से लगभग 10% अधिक मूल्य प्राप्त हुआ।
एपीईडीए ने उत्तर-पूर्वी कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल की।
Tezpur / असम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने 7 जून 2026 को जीआई-टैग प्राप्त तेजपुर लीची की पहली निर्यात खेप दुबई के लिए रवाना कराई। यह कदम न केवल असम के प्रसिद्ध कृषि उत्पाद को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तर-पूर्वी भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
दुबई भेजी गई इस पहली खेप में एक मीट्रिक टन तेजपुर लीची शामिल थी। तेजपुर लीची अपनी प्राकृतिक मिठास, आकर्षक लाल रंग, विशेष सुगंध और बेहतरीन स्वाद के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। असम में बॉम्बेया, बिलाती, इलायची, पियाजी और साही जैसी कई उत्कृष्ट किस्मों की लीची का उत्पादन किया जाता है, जिन्हें उनकी गुणवत्ता और स्वाद के लिए विशेष पहचान मिली हुई है।
तेजपुर लीची को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) का दर्जा मिलने के बाद इसकी मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार बढ़ी है। इस पहचान ने उत्पाद की विशिष्टता को मजबूत किया है और विदेशी खरीदारों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्यात असम के अन्य जीआई-टैग उत्पादों के लिए भी वैश्विक बाजारों के द्वार खोल सकता है।
इस अवसर पर तेजपुर के विधायक पृथ्वीराज रावा, असम सरकार की कृषि उत्पादन आयुक्त अरुणा राजोरिया, एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव, सोणितपुर के जिला आयुक्त आनंद कुमार दास और डीएमआर ग्रीन वैली एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खेप को औपचारिक रूप से रवाना किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, निर्यातक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय किसानों को मिला है। निर्यात श्रृंखला से जुड़े किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक कीमत प्राप्त हुई। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिला है। माना जा रहा है कि इससे भविष्य में अधिक किसान निर्यात-उन्मुख खेती की ओर आकर्षित होंगे।
एपीईडीए पिछले कई वर्षों से उत्तर-पूर्वी राज्यों के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संस्था गुणवत्ता प्रमाणन, निर्यात अवसंरचना, क्षमता निर्माण और बाजार संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर किसानों और निर्यातकों को सहयोग प्रदान कर रही है।
दुबई को तेजपुर लीची की सफल निर्यात खेप असम की कृषि क्षमता का एक मजबूत उदाहरण है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के किसानों के लिए नए अवसर लेकर आई है, बल्कि भारत के जीआई-टैग कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान को भी और मजबूत करने वाली साबित हो सकती है।