100 दिनों बाद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की घोषणा, 9 जुलाई को मशहद में होगा दफन
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Ali Khamenei Iran News
4 से 9 जुलाई तक ईरान में अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम।
मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में होगा अली खामेनेई का दफन।
जनाजे में करीब 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना।
Tehran / ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के 100 दिनों से अधिक समय बाद उनके अंतिम संस्कार और दफन कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक तेहरान, क़ोम और मशहद में श्रद्धांजलि और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन ईरान के हालिया इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक समारोहों में से एक माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम यात्रा की शुरुआत 4 जुलाई को राजधानी तेहरान से होगी। इसके बाद विभिन्न धार्मिक और स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 9 जुलाई को अली खामेनेई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में स्थित इमाम रज़ा (अ.स.) की पवित्र दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। यह स्थान शिया मुस्लिमों के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।
खामेनेई के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंतिम संस्कार से जुड़े सभी कार्यक्रम उनके सम्मान में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। ईरानी मीडिया का दावा है कि जनाजे और श्रद्धांजलि समारोह में लगभग 2 करोड़ लोग हिस्सा ले सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह दुनिया के सबसे बड़े अंतिम संस्कार आयोजनों में से एक होगा।
मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार में विदेशी श्रद्धालुओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल सकती है। विशेष रूप से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, बांग्लादेश और कश्मीर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
आयतुल्लाह अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को 86 वर्ष की आयु में हुआ था। उनकी मृत्यु के साथ ही ईरान में तीन दशक से अधिक समय तक चले उनके नेतृत्व का अध्याय समाप्त हो गया। उन्होंने वर्षों तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का नेतृत्व किया और देश की राजनीति, विदेश नीति तथा धार्मिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
खामेनेई के निधन के बाद उनके पुत्र आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया। इसके साथ ही ईरान में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हुई और देश के राजनीतिक नेतृत्व में एक नए दौर की शुरुआत हुई।
अब पूरी दुनिया की नजर जुलाई में होने वाले इन समारोहों पर टिकी है, जहां लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच ईरान अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई देगा।