फ्रांस में मोदी-मैक्रों की मुलाकात: रक्षा, AI और राफेल डील पर चर्चा, G7 समिट पर भी नजर
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India France Relations
मोदी और मैक्रों के बीच रक्षा व तकनीकी सहयोग पर चर्चा।
‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन।
G7 शिखर सम्मेलन और राफेल डील पर दुनिया की नजर।
Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के तहत फ्रांस के नीस शहर पहुंचे, जहां उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तकनीक, स्वास्थ्य तकनीक, निवेश और रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स, निवेशकों और वेंचर कैपिटल फंड्स ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता केवल व्यापारिक या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे, साझा मूल्यों और साझा भविष्य की सोच पर आधारित है।
मोदी ने भारत की स्टार्टअप क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जो नई तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोज रहे हैं। उन्होंने AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी को भविष्य की दिशा तय करने वाली प्रमुख तकनीकें बताया।
वहीं राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत की तकनीकी और नवाचार क्षमता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बन चुका है और दुनिया भारत के साथ मिलकर भविष्य की तकनीकों पर काम करना चाहती है। उन्होंने AI के क्षेत्र में खुले और सहयोगी मॉडल का समर्थन करते हुए भारत-फ्रांस सहयोग को और मजबूत बनाने की बात कही।
कार्यक्रम के बाद मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी को नीस के पास स्थित ऐतिहासिक विला केरीलोस भी लेकर गए। दोनों नेताओं ने वहां अनौपचारिक बातचीत की और मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ एक सेल्फी भी साझा की, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
हालांकि बैठक का आधिकारिक विवरण अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील, रक्षा सहयोग और तकनीकी हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत इस सौदे में तकनीक हस्तांतरण और स्थानीय उत्पादन को विशेष महत्व दे रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियां शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें व्यापार समझौते सहित कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा पीएम मोदी स्लोवाकिया की भी यात्रा करेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। यह 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को और प्रभावशाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।