नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम का शुभारंभ, समावेशी और टिकाऊ शहरों पर मंथन
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Brics 2026
13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम का आयोजन नई दिल्ली में हुआ।
समावेशी और जलवायु-लचीले शहरों पर विशेष जोर।
ब्रिक्स देशों ने शहरी विकास सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
Delhi / भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत नई दिल्ली में आयोजित 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम का भव्य शुभारंभ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने सुषमा स्वराज भवन में किया। दो दिवसीय इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, शहरी योजनाकार और विकास विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। फोरम का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श करना तथा टिकाऊ और समावेशी शहरों के निर्माण के लिए सहयोग को मजबूत बनाना है।
इस वर्ष फोरम की थीम “जन-केंद्रित शहर: समावेशी एवं लचीले शहरी भविष्य के लिए ब्रिक्स सहयोग” रखी गई है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आज दुनिया के अधिकांश देश तेजी से शहरीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और ऐसे समय में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत शहरी विकास को केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं मानता, बल्कि इसे लोगों के जीवन स्तर में सुधार और अवसरों के विस्तार का माध्यम समझता है।
मंत्री ने भारत की शहरी विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि समावेशी विकास, जलवायु अनुकूल अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और संस्थागत मजबूती भारत की शहरी नीतियों के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स शहरीकरण फोरम सदस्य देशों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास काटिकिथला ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह मंच वर्षों से विभिन्न देशों के बीच सहयोग, विश्वास और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता रहा है। उन्होंने कहा कि साझा चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक साझेदारी और संवाद बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने “इंडियाज अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन: स्टोरीज़ ऑफ चेंज” नामक विशेष प्रकाशन का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शहरी विकास से जुड़ी सफल पहलों और परिवर्तनकारी परियोजनाओं को शामिल किया गया है।
उद्घाटन के बाद आयोजित उच्चस्तरीय पूर्णाधिवेशन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों के शहरी विकास अनुभवों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। इस सत्र ने सदस्य देशों को साझा समस्याओं पर चर्चा करने और संभावित समाधान तलाशने का अवसर दिया।
फोरम के दौरान भारत और रूस के बीच सतत शहरी विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक भी आयोजित की गई। दोनों देशों ने शहरी नियोजन, किफायती आवास, आधुनिक अवसंरचना, सतत निर्माण तकनीकों और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा ईरान, चीन, रूस और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भी विभिन्न द्विपक्षीय बैठकें आयोजित हुईं।
प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में विकसित प्रमुख शहरी परियोजनाओं का भी दौरा किया। इसमें नया संसद भवन, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रतिष्ठित स्थलों का भ्रमण शामिल रहा। इससे विदेशी प्रतिनिधियों को भारत के शहरी परिवर्तन और आधुनिक विकास मॉडल को करीब से देखने का अवसर मिला।
दिन का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज के साथ हुआ, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से आपसी संबंधों को और मजबूत किया। यह फोरम न केवल शहरी विकास पर विचार-विमर्श का मंच है, बल्कि वैश्विक सहयोग और साझेदारी को नई दिशा देने का भी महत्वपूर्ण अवसर साबित हो रहा है।