25 साल का इंतजार खत्म: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान, जेवर बना नया एविएशन हब
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Noida International Airport
जेवर एयरपोर्ट से पहली यात्री उड़ान का सफल संचालन शुरू।
एक जुलाई से 16 शहरों के लिए नियमित उड़ानें उपलब्ध होंगी।
एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी में निवेश, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
Noida / पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। करीब 25 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से पहली यात्री उड़ान का संचालन शुरू होगा। जैसे ही पहला विमान रनवे से उड़ान भरेगा, जेवर का नाम देश और दुनिया के विमानन मानचित्र पर स्थायी रूप से दर्ज हो जाएगा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू बेंगलुरु जाने वाली पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं लखनऊ से आने वाली पहली विशेष वीआईपी उड़ान में विधानसभा अध्यक्ष समेत 75 प्रमुख उद्योगपति और कारोबारी शामिल होंगे। एयरपोर्ट से पहले दिन लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद और अमृतसर के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी।
रविवार को एयरपोर्ट प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर लीं। पिछले एक सप्ताह से यहां विमानों की लैंडिंग और विभिन्न तकनीकी उपकरणों की जांच की जा रही थी। यात्रियों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेंगलुरु जाने वाली पहली इंडिगो फ्लाइट की 180 में से 168 सीटें पहले ही बुक हो चुकी थीं। हैदराबाद और अमृतसर की उड़ानों के लिए भी बड़ी संख्या में यात्रियों ने टिकट बुक कराए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। फिलहाल यहां से एक जुलाई के बाद 16 शहरों के लिए नियमित उड़ानें शुरू होने की योजना है। एयरपोर्ट के 3900 मीटर लंबे रनवे से प्रतिदिन 28 उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
इंडिगो और अकासा एयर ने अपनी उड़ानों का शेड्यूल जारी कर दिया है। 16 जून से जम्मू, नवी मुंबई और बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त उड़ानें शुरू होंगी। वहीं 17 जून से कार्गो सेवाओं का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। एयर इंडिया सेट्स ने यहां 30 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक कार्गो हब विकसित किया है, जिसकी वार्षिक क्षमता 2.55 लाख मीट्रिक टन कार्गो संभालने की है।
एयरपोर्ट की सबसे खास बात इसका आधुनिक और यात्री-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर है। यहां सेल्फ चेक-इन मशीनें, 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप, 9 सुरक्षा जांच लेन, 10 एयरोब्रिज और दो बस बोर्डिंग गेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यात्री बिना लंबी कतार में लगे कुछ ही सेकंड में बोर्डिंग पास प्राप्त कर सकेंगे।
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन का लाभ स्थानीय किसानों को भी मिलेगा। पहले दिन 170 किसान, जिनमें 20 महिलाएं शामिल हैं, विशेष विमान से लखनऊ की यात्रा करेंगे। ये वे किसान हैं जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई थी।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अनुसार, एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाने के लिए यूपी रोडवेज और हरियाणा रोडवेज की बस सेवाएं भी शुरू की जा रही हैं। इससे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, लखनऊ, गुरुग्राम, फरीदाबाद और चंडीगढ़ जैसे शहरों से यात्रियों को सीधा संपर्क मिलेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देगा, बल्कि रोजगार, व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रही है।