मुजफ्फरपुर में NEET पेपर लीक के नाम पर ठगी, फर्जी प्रश्नपत्र गिरोह के 4 और सदस्य गिरफ्तार
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NEET Scam
NEET फर्जी प्रश्नपत्र मामले में 4 और आरोपी गिरफ्तार।
टेलीग्राम के जरिए छात्रों से लाखों रुपये की ठगी।
पुलिस बैंक खातों और डिजिटल नेटवर्क की जांच में जुटी।
Delhi / बिहार के मुजफ्फरपुर में NEET परीक्षा के नाम पर छात्रों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह टेलीग्राम के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 2 मई को हुई थी, जब गुप्त सूचना के आधार पर सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालू घाट इलाके में एक किराए के मकान पर छापेमारी की गई। वहां से जजुआर निवासी मनीष झा को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया था। जांच में सामने आया कि वह NEET का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के माध्यम से छात्रों को बेचने का दावा करता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई। इसमें नगर पुलिस, जिला आसूचना इकाई और सिकंदरपुर थाना की टीम को शामिल किया गया। टीम लगातार तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच कर रही थी।
इसी कड़ी में 13 जून को पुलिस ने चार अन्य आरोपियों—हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव और हर्ष कनोडिया—को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से छात्रों को परीक्षा का असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बदले वे ऑनलाइन ट्रांसफर और बैंक खातों के जरिए पैसे वसूलते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से प्राप्त राशि मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुंचाई जाती थी। गिरोह परीक्षा से पहले सक्रिय हो जाता था और छात्रों को 100 प्रतिशत असली पेपर मिलने का दावा कर बड़ी रकम वसूलता था। कई छात्र और अभिभावक उनके झांसे में आकर पैसे जमा कर देते थे।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा और टेलीग्राम चैनलों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितनी रकम की ठगी की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी परीक्षा से जुड़े फर्जी दावों और सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले लालच से सावधान रहें तथा ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।