मतुआ धर्म मेले पर पीएम मोदी का संदेश, हरिचंद ठाकुर को किया नमन

Mon 16-Mar-2026,03:36 PM IST +05:30

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मतुआ धर्म मेले पर पीएम मोदी का संदेश, हरिचंद ठाकुर को किया नमन PM-Modi-Matua-Dharma-Mela-Message
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए संत हरिचंद ठाकुर के विचारों को समानता, सद्भाव और सामाजिक उत्थान का प्रेरणास्रोत बताया।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए संत हरिचंद ठाकुर के विचारों को समानता, सद्भाव और सामाजिक उत्थान का प्रेरणास्रोत बताया।

Delhi / Delhi :

Delhi/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के अवसर पर देशभर के श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए संत हरिचंद ठाकुर को श्रद्धापूर्वक नमन किया। यह विशेष अवसर उनके जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में मतुआ समुदाय के लोग शामिल होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिचंद ठाकुर ने समाज में समानता, गरिमा और भक्ति के मूल्यों को मजबूत करने के लिए एक सशक्त आंदोलन की शुरुआत की थी। उनके विचारों ने पीढ़ियों को सत्य, सद्भाव और सामूहिक उत्थान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। आज भी उनके सिद्धांत समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सामाजिक समरसता के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मतुआ संस्कृति की समृद्ध परंपराएं गहरी आध्यात्मिक शक्ति और समानता के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्कृति भारत के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करती है और देश की विविधता में एकता की भावना को भी बढ़ावा देती है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पिछले एक दशक से मतुआ समुदाय के कल्याण, सशक्तिकरण और सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिले और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मतुआ धर्म मेले के सभी श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को उनकी हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि संत हरिचंद ठाकुर की शिक्षाएं आज भी लोगों को आशा और शक्ति प्रदान करती हैं।

मतुआ धर्म मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक एकता का भी महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। हर साल इस अवसर पर श्रद्धालु संत हरिचंद ठाकुर के जीवन, विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए समाज में समानता और सद्भाव का संदेश देते हैं।