शैडली वैन शाल्कविक की घातक गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। तिलक वर्मा 16 गेंदों में 25 रन बनाकर लौटे और इसके तुरंत बाद शिवम दुबे तो पहली ही गेंद पर पवेलियन वापस चले गए। छह ओवर के बाद भारत का स्कोर 46 रन पर चार विकेट हो चुका था। पावरप्ले में लगातार विकेट गिरने का असर रन गति पर साफ दिखा। 10 ओवर में भारत का स्कोर सिर्फ 63 रन था।
रिंकू सिंह भी संघर्ष करते नजर आए और 14 गेंदों में 6 रन बनाकर आउट हो गए। 11.4 ओवर में भारत ने 72 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद हार्दिक पंड्या भी सिर्फ 5 रन बनाकर चलते बने। 13 ओवर के बाद भारत का स्कोर 77 रन पर छह विकेट था और टीम मुश्किल में दिख रही थी।
ऐसे समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। अक्षर पटेल ने 11 गेंदों में 14 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया और भारत का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। सूर्यकुमार यादव ने 36 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंत तक डटे रहे। उन्होंने 49 गेंदों में 84 रन की शानदार कप्तानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उनकी बदौलत भारत 20 ओवर में 9 विकेट पर 161 रन तक पहुंच सका। अमेरिका के लिए वैन शाल्कविक ने चार ओवर में 25 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि हरमीत सिंह को दो सफलता मिली।
162 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अमेरिका की शुरुआत भी खराब रही। मोहम्मद सिराज ने दूसरे ओवर में ओपनर एंड्रियस गौस को आउट कर पहला झटका दिया। इसके बाद अर्शदीप सिंह ने कप्तान मोनांक पटेल को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। सिराज ने अपने अगले ओवर में साईतेजा मुक्कामाला को भी आउट कर दिया। 3.2 ओवर में अमेरिका का स्कोर सिर्फ 13 रन पर तीन विकेट था।
पावरप्ले में अमेरिका ने तीन विकेट गंवाकर 31 रन बनाए। शुरुआती दबाव के कारण रन बनाना मुश्किल होता गया और 10 ओवर में स्कोर 49 रन तक ही पहुंचा। इसके बाद मिलिंद और कृष्ण ने चौथे विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही अमेरिका वापसी करता दिखा, वरुण चक्रवर्ति ने मिलिंद को 34 रन पर स्टंप आउट कराकर भारत को अहम सफलता दिलाई।
गेंदबाजी में सिराज ने दो विकेट, अर्शदीप और वरुण चक्रवर्ति ने एक-एक विकेट लेकर भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया। खास बात यह रही कि जसप्रीत बुमराह इस मैच में नहीं खेले, लेकिन हर्षित राणा की जगह शामिल किए गए मोहम्मद सिराज ने मौके का पूरा फायदा उठाया। कुल मिलाकर यह मुकाबला सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पारी और भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के लिए याद किया जाएगा।