PM मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल चैंपियनों से की मुलाकात, कहा- ‘जो खेलता है, वह खिलता है’
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PM मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल चैंपियनों से की मुलाकात
PM मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल चैंपियनों से संवाद किया।
खेलो इंडिया और SAI के योगदान की सराहना की।
खिलाड़ियों से देश में खेल संस्कृति मजबूत करने का आह्वान किया।
New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियनों से मुलाकात कर उनके शानदार प्रदर्शन, संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय खेलों में पिछले एक दशक में आए बदलाव, खिलाड़ियों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान और देश में विकसित हो रही खेल संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खिलाड़ियों का उनके आवास पर स्वागत करना पिछले कई वर्षों से एक विशेष परंपरा रही है। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को युवाओं के लिए सबसे प्रभावी प्रेरणा बताते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी का पदक और उसकी सफलता स्कूलों में दिए जाने वाले सामान्य प्रेरक संदेशों से कहीं अधिक प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा, “आपका पदक उन्हें स्कूलों में जाकर जो कुछ भी कह सकता है, उससे कहीं अधिक प्रेरित करता है।”
खिलाड़ियों के संघर्ष और जज्बे की सराहना
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की व्यक्तिगत यात्राओं और उनके संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने एक खिलाड़ी द्वारा अपनी जीत को कोच को समर्पित करने और गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करने की भावना की सराहना की। वहीं, एक अन्य एथलीट के संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि खिलाड़ी ने चार वर्षों तक चोटों और व्यक्तिगत कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद वापसी की और राष्ट्रीय ध्वज को पोडियम पर देखकर भावुक हो गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की ऐसी जीत केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती है। उन्होंने कहा, “आपकी यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन गई है।”
भारतीय खिलाड़ियों से दुनिया को बढ़ा भरोसा
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय मुक्केबाजों की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया और कहा कि अब दुनिया के खिलाड़ी भारतीय मुक्केबाजों को गंभीर चुनौती के रूप में देखते हैं।
खिलाड़ियों ने भी खेलो इंडिया जैसी जमीनी पहलों और सरकार की ओर से लगातार उपलब्ध कराई जा रही प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण सहायता के सकारात्मक प्रभावों के बारे में प्रधानमंत्री को बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों की सफलता केवल स्टेडियम और सुविधाओं के निर्माण से नहीं मापी जा सकती। देश में व्यापक खेल संस्कृति का निर्माण होना जरूरी है। उन्होंने कहा, “खेल का इन्फ्रास्ट्रक्चर एक बात है, लेकिन देश पदक तब हासिल करता है जब देश में एक खेल संस्कृति का निर्माण होता है।”
देशभक्ति और खेल भावना की प्रशंसा
प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराने वाले भारतीय सेना के एक एथलीट की भी सराहना की। खिलाड़ी ने अपनी जीत भारतीय सेना के वीर जवानों को समर्पित की थी। प्रधानमंत्री ने इसे देशभक्ति और खेल भावना का शानदार उदाहरण बताया।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के सेना से जुड़े कोच नरेंद्र राणा और अपने साझा नाम ‘नरेंद्र’ को लेकर हल्का-फुल्का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल पदकों की संख्या नहीं बढ़ाई है, बल्कि एक पूरी पीढ़ी तैयार की है।
SAI और खेलो इंडिया के योगदान पर चर्चा
एक खिलाड़ी ने महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का आभार व्यक्त किया। खिलाड़ी ने बताया कि स्थानीय स्तर के खेल केंद्रों से अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक पहुंचने में इन सुविधाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री ने वाराणसी और भोपाल सहित विभिन्न क्षेत्रीय खेल केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी खिलाड़ियों से जानकारी ली। उन्होंने 2018 से भारतीय खेल प्राधिकरण और खेलो इंडिया के माध्यम से प्रतिभाओं को निरंतर मिल रहे सहयोग की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखने का भरोसा दिया और कहा कि वे आने वाले समय में फिर इसी तरह विजयी होकर उनसे मिलेंगे।
बातचीत के दौरान एक बहु-पदक विजेता खिलाड़ी का जन्मदिन भी था। प्रधानमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और व्यक्तिगत रूप से मिठाई देकर इस अवसर को खास बनाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और जीत की गति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को लगातार तीसरी बार पदक जीतने के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद देते हुए कहा, “जो खेलता है, वह खिलता है।”