क्या ट्रंप छुड़ा पाएंगे चीन में कैद अमेरिकी परमाणु विशेषज्ञ को? शी जिनपिंग से होगी बड़ी बात?
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
US China Relations
ट्रंप शी जिनपिंग के सामने अमेरिकी नागरिक यू लिन चेन की रिहाई का मुद्दा उठा सकते हैं।
चेन उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों से जुड़े वैज्ञानिक शोध पर काम कर चुके हैं।
उनकी पत्नी ने हिरासत, स्वास्थ्य और संभावित जासूसी आरोपों को लेकर चिंता जताई है।
अमेरिका और चीन के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव के बीच एक अमेरिकी नागरिक की हिरासत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों से जुड़े शोध के लिए काम कर चुके अमेरिकी वैज्ञानिक यू लिन चेन की रिहाई का मुद्दा अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली मुलाकात में उठने की संभावना है।
चेन की पत्नी यूफांग रोंग ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात के बाद दावा किया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने चीनी समकक्ष के सामने उनके पति की रिहाई का मुद्दा उठाएंगे। दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका और चीन के संबंध व्यापार, ताइवान, ईरान और अन्य रणनीतिक मुद्दों को लेकर संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं।
54 वर्षीय चेन अमेरिकी सरकार के एक ठेकेदार के साथ वैज्ञानिक के रूप में काम कर चुके हैं। उनका शोध मुख्य रूप से उत्तर कोरिया के भूमिगत परमाणु परीक्षणों से उत्पन्न भूकंपीय संकेतों की पहचान से जुड़ा था। उनके परिवार के मुताबिक, यह शोध सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित था और इसे अमेरिकी सरकार की फंडिंग के साथ किया गया था। इसमें चीन के वैज्ञानिकों के साथ सहयोग भी शामिल था।
चेन को 5 नवंबर 2024 को बीजिंग के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। उस समय वह चीन में अपने परिवार से मिलने और दो विश्वविद्यालयों में व्याख्यान देने के बाद अमेरिका लौटने की तैयारी कर रहे थे। उनकी पत्नी का कहना है कि इसके बाद उनसे 100 से अधिक बार पूछताछ की जा चुकी है।
रोंग को आशंका है कि चीन उनके पति पर जासूसी से जुड़े आरोप लगा सकता है। उनका कहना है कि चेन का शोध किसी गुप्त गतिविधि का हिस्सा नहीं था और उनके वैज्ञानिक काम से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थी।
चेन के मामले को अमेरिकी सरकार ने उन मामलों में शामिल किया है, जिन्हें वह “गलत तरीके से हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों” के रूप में देखती है। इससे पहले मई में चीन की यात्रा के दौरान ट्रंप ने कथित तौर पर चेन का मुद्दा शी जिनपिंग के सामने उठाया था, लेकिन उनकी रिहाई नहीं हो सकी।
चीन की सरकार ने हालांकि अमेरिकी दावे को स्वीकार नहीं किया है। चीनी विदेश मंत्रालय का कहना है कि देश की न्याय व्यवस्था कानून के अनुसार मामलों पर कार्रवाई करती है और ऐसी हिरासत को “गलत तरीके से की गई गिरफ्तारी” कहना उचित नहीं है।
इस मामले का एक संवेदनशील पहलू परमाणु परीक्षणों का पता लगाने वाली तकनीक भी है। चेन की पत्नी का आरोप है कि चीन उनके विशेषज्ञता का इस्तेमाल परमाणु परीक्षणों को छिपाने की क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहता हो सकता है। हालांकि चीन ने ऐसे आरोपों से जुड़े दावों को स्वीकार नहीं किया है।
रोंग ने अपने पति की हिरासत की परिस्थितियों को लेकर भी चिंता जताई है। उनके अनुसार, चेन को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा तथा भोजन मिलने को लेकर परिवार चिंतित है।
अब पूरी नजर ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक पर है। यदि इस बातचीत में चेन की रिहाई का मुद्दा प्रमुखता से उठता है, तो यह अमेरिका-चीन संबंधों में मानवीय और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण संदेश दे सकता है। फिलहाल चेन के परिवार की उम्मीद एक ही बात पर टिकी है—उनकी सुरक्षित वापसी।