गंगा तट से मिला ‘कृष्णावतारम पार्ट -द हार्ट’ को संतों का आशीर्वाद
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कृष्णावतारम फिल्म को संतों का आशीर्वाद मिला.
हरिद्वार-ऋषिकेश में टीम की आध्यात्मिक यात्रा.
संस्कृति और आस्था से जुड़ी फिल्म को दर्शकों का प्यार.
Mumbai / जब कोई फिल्म भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और सनातन मूल्यों को केंद्र में रखकर बनाई जाती है, तो उसकी सफलता केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह लोगों की भावनाओं और आस्था से भी जुड़ जाती है। यही अनुभव इन दिनों फिल्म ‘कृष्णावतारम पार्ट 1 – द हार्ट’ की टीम महसूस कर रही है।
फिल्म के मुख्य अभिनेता सिद्धार्थ गुप्ता, अभिनेत्री संस्कृति जयाना और निर्माता साजन राज कुरुप हाल ही में हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचे, जहां उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संतों और आध्यात्मिक गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान टीम ने योग गुरु बाबा रामदेव, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी और परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की।
संतों ने फिल्म की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने के प्रयास की सराहना की। उनके आशीर्वाद ने पूरी टीम को नई ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
देहरादून में जन्मे अभिनेता सिद्धार्थ गुप्ता के लिए यह यात्रा भावनात्मक रूप से भी बेहद खास रही। अपनी जन्मभूमि उत्तराखंड लौटकर उन्होंने गंगा स्नान किया, गंगा आरती में भाग लिया और संतों का सान्निध्य प्राप्त किया। उनके अनुसार, उत्तराखंड की आध्यात्मिक ऊर्जा हमेशा उन्हें अपनी ओर आकर्षित करती रही है और इस बार का अनुभव विशेष रूप से अविस्मरणीय रहा।
यात्रा के दौरान टीम ने हरिद्वार और ऋषिकेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन भी किए तथा फिल्म की निरंतर सफलता और दर्शकों के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। निर्माता साजन राज कुरुप का मानना है कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित फिल्म के लिए संतों का आशीर्वाद एक महत्वपूर्ण शक्ति है, जो रचनात्मक प्रयासों को नई दिशा देता है। फिल्म को चौथे सप्ताह में भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। ऐसे में हरिद्वार और ऋषिकेश की इस आध्यात्मिक यात्रा ने न केवल टीम का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि फिल्म के संदेश को और अधिक सार्थक बना दिया है। ‘कृष्णावतारम पार्ट 1 – द हार्ट’ अब केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था और मनोरंजन के सुंदर संगम के रूप में दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना रही है।
(अनिल बेदाग)