नेपाल विदेश मंत्री भारत दौरा: जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार और सीमा मुद्दों पर चर्चा
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Shishir Khanal India Visit
नेपाल विदेश मंत्री का भारत दौरा.
जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक.
व्यापार और सीमा मुद्दों पर चर्चा.
Nepal / नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का आगामी भारत दौरा एक बार फिर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। वे 5 से 7 जून 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
इस बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, कनेक्टिविटी और जन-जन के संबंधों जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देश लंबे समय से आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं, और यह यात्रा उसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास है। इससे पहले राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चेयरमैन रबी लामिछाने की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात ने भी संबंधों को और मजबूत करने की चर्चा को जन्म दिया था।
हालांकि, इस पूरे परिदृश्य में भारत-नेपाल सीमा विवाद का मुद्दा भी पृष्ठभूमि में मौजूद है। कालापानी, लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और सुस्ता जैसे क्षेत्रों को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। ये विवाद मुख्य रूप से 1816 की सुगौली संधि की अलग-अलग व्याख्याओं पर आधारित हैं।
कालापानी क्षेत्र लगभग 400 वर्ग किलोमीटर का रणनीतिक इलाका है, जिस पर दोनों देश अपना-अपना दावा करते हैं। वहीं सुस्ता क्षेत्र में गंडक नदी के बदलते प्रवाह के कारण सीमा निर्धारण को लेकर असहमति बनी हुई है।
इन तमाम संवेदनशील मुद्दों के बीच यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे दोनों देशों को आपसी विश्वास और सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि खुली सीमा, सांस्कृतिक संबंध और आर्थिक सहयोग जैसे विषयों पर सहमति दोनों देशों के रिश्तों को स्थिरता प्रदान कर सकती है।