तमिलनाडु में L&T का ₹18,600 करोड़ निवेश: डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिपबिल्डिंग में बड़ा MoU, 8,200 नौकरियां

Thu 04-Jun-2026,02:39 PM IST +05:30

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तमिलनाडु में L&T का ₹18,600 करोड़ निवेश: डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिपबिल्डिंग में बड़ा MoU, 8,200 नौकरियां Tamil Nadu News
  • तमिलनाडु में L&T का ₹18,600 करोड़ निवेश समझौता. 

  • डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिपबिल्डिंग में बड़ा विस्तार. 

  • 8,200 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे. 

Tamil Nadu / Chennai :

Chennai / तमिलनाडु में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ 18,600 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता गुरुवार, 4 जून को सचिवालय में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस निवेश से राज्य में लगभग 8,200 नए रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।

इस निवेश योजना के तहत सबसे बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर क्षेत्र में लगाया जाएगा। करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत से कांचीपुरम जिले में डेटा सेंटर का विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना से लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। यह परियोजना तमिलनाडु को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

दूसरा बड़ा निवेश कोयंबटूर में इलेक्ट्रॉनिक संरचनाओं और उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इससे करीब 2,000 रोजगार अवसर सृजित होंगे। यह कदम राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति देगा।

तीसरा निवेश कत्तुपल्ली शिपयार्ड के विस्तार से जुड़ा है, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे। इस परियोजना से सबसे अधिक, लगभग 5,700 रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह तमिलनाडु की समुद्री और जहाज निर्माण क्षमताओं को मजबूत करेगा।

सरकार ने बताया कि यह निवेश राज्य को उभरते हुए क्षेत्रों जैसे डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और समुद्री अवसंरचना में अग्रणी बनाएगा। साथ ही यह औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन दोनों को गति देगा।

इस मौके पर उद्योग मंत्री एस. कीरथना, मुख्य सचिव एम. साई कुमार और अतिरिक्त मुख्य सचिव एस. विजयकुमार भी उपस्थित रहे। सरकार का मानना है कि इस तरह के बड़े निवेश राज्य को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में और मजबूत बनाएंगे, जिससे आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।