हजारीबाग अस्पताल बिजली गुल: मरीजों का मोबाइल टॉर्च से इलाज, प्रशासन ने जांच शुरू
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Hazaribagh Hospital News
अस्पताल में एक घंटे बिजली गुल से हड़कंप.
मोबाइल टॉर्च से मरीजों का इलाज करना पड़ा.
प्रशासन ने जांच और सुधार के आदेश दिए.
Hazaribagh / हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में हुई बिजली गुल की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर कर दिया है। मंगलवार देर रात करीब एक घंटे से अधिक समय तक बिजली न होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में डॉक्टर और नर्सें मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करने को मजबूर दिखे, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
300 बेड वाले इस बड़े सरकारी अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जनरेटर भी डीजल की कमी के कारण नहीं चल सका। मरीजों को गर्मी और अंधेरे में पंखे झलकर समय बिताना पड़ा। कई गंभीर मरीजों की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने मोबाइल लाइट के सहारे इलाज जारी रखा, जो अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और उपायुक्त हेमंत सती खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। सांसद मनीष जायसवाल ने भी इस मामले पर चिंता जताई और मरीजों की मदद के लिए डीजल उपलब्ध कराने की बात कही।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। अस्पताल में सोलर सिस्टम को मजबूत करने, नए ट्रांसफॉर्मर लगाने और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों और आपातकालीन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।