सरकार MSP और बीमा से बढ़ा रही किसान आय: लोकसभा में शिवराज सिंह
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शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि सरकार एमएसपी, पीएम-आशा और बीमा योजनाओं के जरिए किसानों की आय और सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
किसानों को उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक एमएसपी, रिकॉर्ड खरीदी और डिजिटल भुगतान से आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस।
New Delhi/ नई दिल्ली में लोकसभा के दौरान केंद्र सरकार की कृषि नीतियों को लेकर अहम बयान सामने आया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर परिस्थिति में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अन्नदाता को किसी भी संकट से उबारने के लिए केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
लोकसभा में सवालों के जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एनडीए सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकॉर्ड स्तर पर खरीदी की गई है, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिला है। सरकार ने एमएसपी को उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक तय करने के फैसले को लागू कर किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत किया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि केवल एमएसपी घोषित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पर प्रभावी खरीदी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। इसी दिशा में सरकार ने गेहूं, धान, दलहन और तिलहन की बड़े पैमाने पर खरीद कर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अब फल और सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों पर भी सक्रिय हस्तक्षेप कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) का उल्लेख करते हुए बताया कि यह योजना उन फसलों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है, जिनकी बाजार कीमतें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं। इस योजना के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम, मूल्य अंतर भुगतान और अन्य उपायों के जरिए किसानों को नुकसान से बचाया जाता है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा तंत्र के रूप में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों ने अब तक लगभग 36,055 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया है, जबकि इसके बदले करीब 1,92,477 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम भुगतान किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना किसानों के हित में प्रभावी साबित हुई है।
शिवराज सिंह चौहान ने तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि अब फसल कटाई प्रयोगों के साथ-साथ सैटेलाइट आधारित रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे फसल नुकसान का अधिक सटीक आकलन संभव हो पाया है और बीमा भुगतान में पारदर्शिता आई है।
महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में प्राकृतिक आपदा के दौरान राज्य सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए मात्र पांच दिनों में 14,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए। इससे राहत वितरण की प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनी।
कृषि मंत्री ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) और भावांतर भुगतान योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए सरकार बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में किसानों को सीधा लाभ पहुंचाती है। मध्यप्रदेश में लागू भावांतर योजना को उन्होंने अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।
अंत में उन्होंने कहा कि सरकार एफसीआई, नेफेड और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार किसान हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अन्नदाता के सम्मान और आय को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।