ईरान से अमेरिका की गुप्त बातचीत: ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, किससे हो रही डील?
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Donald Trump Iran Deal
ट्रंप का दावा: ईरान के गुप्त नेता से बातचीत जारी.
परमाणु कार्यक्रम पर 15 बिंदुओं पर सहमति का दावा.
डील सफल हुई तो मध्य पूर्व तनाव में आ सकती है कमी.
America / डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक हलचल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अमेरिका ईरान में किससे बातचीत कर रहा है, जब खुद ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उनकी बातचीत न तो मोजतबा खामेनेई से हो रही है और न ही उन्होंने किसी आधिकारिक नाम का खुलासा किया है।
एयरफोर्स वन में सवार होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि अमेरिका ईरान के एक ऐसे नेता से बातचीत कर रहा है, जो वहां बेहद सम्मानित है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बातचीत काफी सकारात्मक रही है और दोनों पक्षों के बीच 15 अहम बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, उन्होंने उस व्यक्ति की पहचान उजागर करने से इनकार कर दिया, जिससे यह रहस्य और गहरा हो गया है।
ट्रंप ने यह भी बताया कि इस बातचीत में अमेरिका की ओर से उनके शीर्ष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे। उनके मुताबिक, यह बातचीत रविवार को शुरू हुई और शाम तक चली, जिसे उन्होंने “परफेक्ट” करार दिया। ट्रंप का दावा है कि अगर यह समझौता लागू हो जाता है, तो मध्य पूर्व में चल रहा तनाव काफी हद तक खत्म हो सकता है।
जब उनसे यह पूछा गया कि ईरान खुद कह रहा है कि उसने कोई बातचीत नहीं की, तो अमेरिका आखिर किससे बात कर रहा है, इस पर ट्रंप ने दोहराया कि वे एक ऐसे व्यक्ति से डील कर रहे हैं जो देश का प्रतिनिधित्व करता है और बेहद सम्मानित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह व्यक्ति मोजतबा खामेनेई नहीं हैं, जिनके बारे में हाल ही में खबरें आई थीं कि वे हमले में घायल हो गए थे।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा परमाणु कार्यक्रम है। उन्होंने दावा किया कि ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और यूरेनियम संवर्धन भी नहीं करेगा। यह एक बड़ा दावा है, क्योंकि ईरान लंबे समय से यूरेनियम संवर्धन को अपना अधिकार बताता रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान इस समय एक समझौते के लिए बेहद उत्सुक है और उसने खुद अमेरिका से संपर्क किया है। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने हाल ही में ईरान के एक बड़े बिजली संयंत्र पर हमले को मंजूरी दी थी, लेकिन उसी बीच ईरान ने बातचीत की पहल की।
हालांकि, ट्रंप का बयान जितना स्पष्ट दिखता है, उतना ही उलझा हुआ भी है। एक तरफ वे दावा कर रहे हैं कि बातचीत अंतिम चरण में है और समझौता करीब है, वहीं दूसरी तरफ वे यह भी कह रहे हैं कि अगर बात नहीं बनी तो अमेरिका बमबारी जारी रखेगा।
कुल मिलाकर, यह पूरा घटनाक्रम रहस्य और रणनीति का मिश्रण नजर आता है। दुनिया की नजर अब इस पर टिकी है कि क्या सच में कोई बड़ा समझौता होने वाला है या यह सिर्फ दबाव बनाने की रणनीति है। आने वाले दिनों में ही इसकी असली तस्वीर साफ हो पाएगी।