छत्तीसगढ़ परीक्षा विवाद: खाली केंद्र, पेपर गड़बड़ी से उठे सवाल

Wed 18-Mar-2026,01:34 PM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ परीक्षा विवाद: खाली केंद्र, पेपर गड़बड़ी से उठे सवाल CG-Exam-Controversy-Empty-Centers
  • छत्तीसगढ़ में 5वीं-8वीं की परीक्षा में निजी स्कूलों के केंद्र खाली, पाठ्यक्रम अंतर और आरटीई नियमों के कारण छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही।

  • शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए, निजी स्कूल संघ ने अव्यवस्थित परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएं इस बार कई तरह की अव्यवस्थाओं के कारण विवादों में घिर गई हैं। परीक्षा केंद्रों की स्थिति और प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ी समस्या निजी स्कूलों में देखने को मिली, जहां कई परीक्षा केंद्रों पर दिनभर एक भी छात्र नहीं पहुंचा। इन केंद्रों पर शासकीय शिक्षकों को केंद्राध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन छात्र अनुपस्थित रहे। इससे परीक्षा संचालन की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।

इस स्थिति के पीछे पाठ्यक्रम में अंतर एक बड़ी वजह बनकर सामने आया है। कई निजी स्कूल, जो छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं, वे पढ़ाई सीबीएसई पाठ्यक्रम से कराते हैं। जबकि परीक्षा में प्रश्न CG बोर्ड के सिलेबस से पूछे जा रहे हैं। ऐसे में छात्र परीक्षा देने से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें पाठ्यक्रम मेल नहीं खाता।

प्रदेश में लगभग 8500 निजी स्कूल हैं, जिनमें करीब 6200 छत्तीसगढ़ बोर्ड से संबद्ध हैं। हालांकि CBSE और ICSE बोर्ड से जुड़े स्कूलों को इस परीक्षा से बाहर रखा गया है, लेकिन CG बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है।

आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम भी इस स्थिति का एक अहम कारण माना जा रहा है। इस कानून के तहत कक्षा 1 से 8 तक किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जा सकता। ऐसे में छात्रों और स्कूलों दोनों के बीच परीक्षा को लेकर गंभीरता कम देखी जा रही है।

राजधानी रायपुर में परीक्षा के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। 5वीं की हिंदी और 8वीं की गणित परीक्षा में छात्रों को अधूरे और कटे-फटे प्रश्नपत्र दिए गए। प्रिंटिंग में हुई गलती के कारण कई सवाल पूरी तरह छपे ही नहीं थे। इस स्थिति में शिक्षकों को बोर्ड पर या कॉपी में प्रश्न लिखवाने पड़े, जिससे परीक्षा का समय प्रभावित हुआ और छात्र भी परेशान हुए।

जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा समिति द्वारा पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अधूरी तैयारी के साथ परीक्षा आयोजित करना शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय है। यह पूरा मामला शिक्षा प्रणाली में समन्वय और तैयारी की कमी को उजागर करता है, जिसे सुधारना अब बेहद जरूरी हो गया है।