वैष्णो देवी यात्रा रोकी गई: नवरात्रि में उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा के चलते बड़ा फैसला
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Navratri Rush Vaishno Devi
भारी भीड़ के कारण वैष्णो देवी यात्रा रोकी गई.
39,000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन.
रविवार सुबह से दोबारा शुरू होगा पंजीकरण.
Delhi / चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर माता वैष्णो देवी धाम में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इसी बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को शनिवार को यात्रा अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार दोपहर तक करीब 39,000 श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके थे, जिसके बाद भवन क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ हो गई और सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि भीड़ इस कदर बढ़ गई थी कि गुफा मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर तीर्थयात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए शाम करीब 4 बजे यात्रा रोक दी गई। पुलिस वाहनों के माध्यम से घोषणा कर श्रद्धालुओं को सूचित किया गया कि वे फिलहाल अपने होटल या ठहरने के स्थान पर वापस लौट जाएं।
श्राइन बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा को स्थायी रूप से नहीं रोका गया है, बल्कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह एक अस्थायी कदम है। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार सुबह 4 बजे से नए पंजीकरण की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी जाएगी। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया है कि यात्रा पूरी तरह सामान्य कब तक होगी, लेकिन भीड़ को देखते हुए कुछ समय तक ऐसे प्रतिबंध लागू रह सकते हैं।
दरअसल, 19 मार्च से शुरू हुए चैत्र नवरात्रि के चलते देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में कटरा पहुंच रहे हैं। अनुमान है कि 27 मार्च तक, यानी नवरात्रि के समापन तक, भक्तों की भीड़ इसी तरह बनी रहेगी। शनिवार को ही 10,000 से ज्यादा श्रद्धालु ऐसे थे जो रजिस्ट्रेशन के बाद रास्ते में ही थे और भवन की ओर बढ़ रहे थे।
कटरा बेस कैंप से लेकर त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित मंदिर तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने कई स्तरों पर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारू बनी रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेडिकल, पानी, भोजन और अन्य आवश्यक सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है।
इस बीच, नवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर में शत चंडी महायज्ञ का आयोजन भी किया जा रहा है, जो धार्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बना रहा है। वैदिक मंत्रों और पूजा-पाठ के बीच श्रद्धालु ‘जय माता दी’ के जयकारों के साथ अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं।
प्रशासन और श्राइन बोर्ड लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि थोड़ी धैर्य और अनुशासन से ही सभी भक्त सुरक्षित और सहज तरीके से माता के दर्शन कर पाएंगे।