लखीमपुर खीरी ओवरब्रिज मंजूर: 113 करोड़ से जाम से मिलेगी राहत
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Lakhimpur-Kheri-Overbridge-Project-Approval
लखीमपुर खीरी में 113.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला कृष्णा टॉकीज ओवरब्रिज शहर की ट्रैफिक समस्या को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ओवरब्रिज के साथ फोरलेन सड़क निर्माण से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों के साथ क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
लखीमपुर खीरी/ लखीमपुर खीरी जिले के लिए विकास की दिशा में एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। लंबे समय से शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। शासन ने कृष्णा टॉकीज ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दे दी है, जिसकी अनुमानित लागत 113.5 करोड़ रुपये तय की गई है। इस परियोजना के स्वीकृत होने के पीछे मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार के लगातार प्रयास और शासन स्तर पर की गई प्रभावशाली पैरवी को अहम माना जा रहा है। यह ओवरब्रिज बनने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को काफी हद तक सुगम बनाएगा और लोगों को रोजाना लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा दिलाएगा। स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे शहर के भीतर आवागमन तेज और सुरक्षित होगा।
इस परियोजना के अंतर्गत संकटा देवी मंदिर क्षेत्र से लेकर लालपुर बैरियर तक फोरलेन सड़क के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हो जाएगा। वर्तमान में रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के दौरान इस इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों और एंबुलेंस जैसी आपात सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जिले में इस विकास कार्य को लेकर उत्साह का माहौल है और लोगों ने मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार के प्रयासों की खुलकर सराहना की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह परियोजना केवल एक ओवरब्रिज का निर्माण नहीं है, बल्कि यह जिले के विकास और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। प्रशासन का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद लखीमपुर खीरी में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।