दिल्ली में बनाई जाएंगी 4,400 वाहनों की क्षमता वाली 9 आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग

Tue 17-Feb-2026,10:19 PM IST +05:30

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दिल्ली में बनाई जाएंगी 4,400 वाहनों की क्षमता वाली 9 आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग Delhi-to-Build-9-Multilevel-Parking-Hubs-with-Capacity-for-4,400-Vehicles
  • दिल्ली में 9 नई मल्टीलेवल पार्किंग विकसित की जाएंगी, जिनमें कुल 4,400 वाहनों की क्षमता होगी, जिससे भीड़भाड़ और अवैध पार्किंग में कमी आएगी।

  • आधुनिक सुविधाओं वाली पार्किंगों में ऑटोमैटिक सिस्टम, सीसीटीवी सुरक्षा और डिजिटल भुगतान जैसी तकनीकें शामिल होंगी, जिससे वाहन पार्किंग प्रक्रिया आसान होगी।

  • निर्माण को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा और पर्यावरण-friendly तकनीक जैसे सोलर पैनल और LED लाइटिंग का उपयोग किया जाएगा।

Delhi / Delhi :

Delhi /  दिल्ली में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के विभिन्न अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 9 नई मल्टीलेवल पार्किंग सुविधाएँ विकसित की जाएंगी, जिनकी कुल संयुक्त क्षमता लगभग 4,400 वाहनों की होगी। इन पार्किंग परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल ट्रैफिक जाम को कम करना है, बल्कि सड़कों पर अवैध पार्किंग को समाप्त कर यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना भी है।

निगम अधिकारियों के अनुसार, नई पार्किंग संरचनाएँ आधुनिक तकनीक से लैस होंगी। इनमें ऑटोमैटिक पार्किंग सिस्टम, रीयल-टाइम स्लॉट मॉनिटरिंग, सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल पेमेंट विकल्प शामिल होंगे। इससे लोगों को पार्किंग खोजने में समय की बचत होगी और सुरक्षा स्तर भी बढ़ेगा।

इन 9 मल्टीलेवल पार्किंगों को उन स्थानों पर बनाया जाएगा जहाँ यातायात दबाव सबसे अधिक है। निगम का मानना है कि इससे रोजमर्रा की भीड़ कम होगी और ट्रैफिक मूवमेंट में सुधार आएगा। साथ ही, स्थानीय व्यवसायों को भी फायदा होगा क्योंकि समुचित पार्किंग की वजह से ग्राहकों की आवाजाही आसान होगी।

परियोजना के कार्यान्वयन के लिए चरणबद्ध नीति अपनाई गई है। पहले चरण में 3 पार्किंग स्थलों पर निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, जबकि शेष 6 पार्किंगों का निर्माण जून 2026 तक प्रारंभ होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरण मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा, और ऊर्जा-संरक्षण तकनीकों जैसे सोलर पैनल और एलईडी लाइटिंग का उपयोग किया जाएगा।

इस कदम से दिल्ली में पार्किंग दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही, वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण और जाम की समस्या में भी काफी कमी आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा, तो इसे शहर के अन्य इलाकों में भी विस्तार दिया जा सकता है।