पटना में UGC नियमों के खिलाफ छात्रों का भारी प्रदर्शन, स्वायत्तता खत्म करने का आरोप

Fri 06-Feb-2026,12:25 AM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

पटना में UGC नियमों के खिलाफ छात्रों का भारी प्रदर्शन, स्वायत्तता खत्म करने का आरोप Massive-Student-Protest-in-Patna-Against-New-UGC-Rules-and-Academic-Changes
  • पटना में छात्रों ने UGC नियमों के खिलाफ मार्च निकाला, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने और प्रवेश व परीक्षा प्रणाली बदलने का आरोप लगाया।

  • छात्रों ने कहा कि नए नियम गरीब और ग्रामीण विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे, जिससे उच्च शिक्षा की पहुँच और मुश्किल होगी।

  • विरोध तेज होने पर कई शिक्षक भी समर्थन में उतरे, छात्रों ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा।

Delhi / Central Delhi :

Delhi /  पटना में UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्रों का जोरदार प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र पटना विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय और आसपास के कॉलेजों से निकलकर सड़क पर उतरे। छात्रों का आरोप है कि UGC के प्रस्तावित नियम विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म कर देंगे, साथ ही प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा संरचना और शिक्षण प्रणाली पर अनावश्यक बोझ बढ़ाएँगे।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि नए नियमों में कई प्रावधान ऐसे हैं जो गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर कर देंगे। छात्रों का कहना है कि नई प्रणाली में विश्वविद्यालयों को UGC के अधिक नियंत्रण में रखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय जरूरतों के मुताबिक शिक्षा को संशोधित करना मुश्किल हो जाएगा। कई छात्र संगठनों ने इसे "शैक्षणिक केंद्रीकरण" बताया है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा विभाग और UGC के खिलाफ नारेबाज़ी की और राज्य सरकार से अपील की कि वह केंद्र को इन नियमों को लागू न करने की सिफारिश करे। कुछ स्थानों पर छात्रों ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च भी निकाला, जिसमें पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।

कई शिक्षकों ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी। उनका कहना है कि राज्य विश्वविद्यालयों की वास्तविक समस्याएँ—फैकल्टी की कमी, ढाँचे की कमजोरियाँ, और अनुसंधान सुविधाओं की कमी—को नज़रअंदाज़ कर दिया गया है। इसके बजाय एक ऐसी नीति लाई जा रही है जो जमीनी स्थितियों से मेल नहीं खाती। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि UGC ने छात्रों और शिक्षकों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।

छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और UGC ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को व्यवहारिक और सुलभ बनाने की बजाय जटिल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है।

पटना में जारी यह विरोध अब बिहार के अन्य जिलों तक भी फैलने लगा है। आने वाले दिनों में छात्र संगठनों की बड़ी रैली का भी ऐलान किया गया है।