बलौदाबाजार हिंसा केस में अमित बघेल और अजय यादव फिर गिरफ्तार
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बलौदाबाजार हिंसा कांड में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल और जोहर पार्टी अध्यक्ष अजय यादव की दोबारा गिरफ्तारी।
हिंसा और आगजनी मामले में अब तक 13 एफआईआर दर्ज, 200 से ज्यादा आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
Baloda Bazar/ छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 10 जून 2024 को हुई हिंसा और आगजनी की बहुचर्चित घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। इस मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल और छत्तीसगढ़ जोहर पार्टी के अध्यक्ष अजय यादव की दोबारा गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी प्रकरण में सिटी कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख राजनीतिक चेहरों को गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल को सेंट्रल जेल रायपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर जिला सत्र न्यायालय में पेश किया गया। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 279/2024 और 280/2024 के तहत दर्ज मामलों में की गई। न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमित बघेल को पुनः केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया।
इसी प्रकरण में छत्तीसगढ़ जोहर पार्टी के अध्यक्ष अजय यादव को उप जेल बलौदाबाजार से कोर्ट में पेश किया गया। दोनों नेताओं की एक साथ पेशी से जिला न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनकी भूमिका को लेकर नए साक्ष्य सामने आए हैं, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
बलौदाबाजार में हुई हिंसा और आगजनी की घटना को लेकर अब तक 13 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस जांच में अब तक 200 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, मोबाइल कॉल डिटेल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल तोड़फोड़ और आगजनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित साजिश के संकेत भी मिले हैं। इसी कारण जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता के साथ हर कड़ी को जोड़ने में लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं और नई गिरफ्तारियां संभव हैं।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और राज्य सरकार पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। बलौदाबाजार हिंसा कांड को हाल के वर्षों की सबसे गंभीर कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं में से एक माना जा रहा है, जिस पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सख्त कार्रवाई कर रही हैं।