भारत पर्व 2026 में RHCT नजफगढ़ ने स्वास्थ्य जागरूकता से छोड़ी मजबूत छाप
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भारत पर्व-2026 में आरएचटीसी नजफगढ़ ने सीपीआर डेमो, आयुर्वेदिक परामर्श और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से निवारक देखभाल को जन-जन तक पहुंचाया।
संवादात्मक क्विज, आशा कार्यकर्ता जागरूकता कॉर्नर और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श ने सभी आयु वर्ग के आगंतुकों को सक्रिय रूप से जोड़ा।
Delhi/ भारत पर्व-2026 में आरएचटीसी नजफगढ़ की भागीदारी का प्रमुख आकर्षण कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का लाइव प्रदर्शन रहा। इस सत्र में विशेषज्ञों ने न केवल सीपीआर की तकनीक का प्रदर्शन किया, बल्कि आगंतुकों को स्वयं अभ्यास करने का अवसर भी दिया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों को जीवनरक्षक कौशल से सशक्त बनाना था, जिसे लोगों ने काफी सराहा।
इसके साथ ही केंद्र द्वारा आयुर्वेदिक परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। यहां चिकित्सकों ने आगंतुकों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, दैनिक जीवन में आयुर्वेद की भूमिका और समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण के बारे में मार्गदर्शन दिया। पोषण, संतुलित आहार, मानसिक स्वास्थ्य और सामान्य जीवनशैली से जुड़े परामर्श सत्रों ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व को रेखांकित किया।
आरएचटीसी नजफगढ़ ने स्वास्थ्य शिक्षा को रोचक बनाने के लिए दैनिक स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। इसमें स्वच्छता, पोषण और सामान्य स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न शामिल थे, जिनमें भाग लेकर आगंतुकों ने न केवल ज्ञान बढ़ाया बल्कि पुरस्कार भी जीते। विशेष रूप से तैयार किया गया “अपनी आशा कार्यकर्ताओं को जानें” कॉर्नर लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। इस पहल ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से उजागर किया।
शैक्षणिक गतिविधियों के तहत आरएचटीसी ने एएनएम प्रशिक्षण विद्यालय के छात्रों के लिए एक शैक्षिक भ्रमण भी आयोजित किया। इस दौरान छात्रों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, जन-कल्याण कार्यक्रमों और जन-स्वास्थ्य संचार की व्यावहारिक समझ दी गई। साथ ही भारत पर्व में प्रदर्शित देश की सांस्कृतिक विविधता ने छात्रों के अनुभव को और समृद्ध किया।
छह दिवसीय आयोजन के दौरान आरएचटीसी के स्टॉल पर निरंतर लोगों की भीड़ और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। इन पहलों के माध्यम से केंद्र ने यह स्पष्ट किया कि सामुदायिक सहभागिता, स्वास्थ्य शिक्षा और निवारक देखभाल ही सशक्त और स्वस्थ भारत की नींव हैं, जो भारत पर्व-2026 की समावेशी विकास की भावना के अनुरूप है।